VIDEO : संस्कृत में शपथ लेने के बीच साध्वी प्रज्ञा के नाम पर हंगामा, रिकॉर्ड चेकिंग के बाद तीसरी बार में ले पाईं शपथ…. देखिये कैसा हुआ विवाद

नई दिल्ली 17 जून 2019। भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विवादों ने संसद में भी पीछा नहीं छोड़ा. पहली बारसंसद पहुंची प्रज्ञा ठाकुर जब लोकसभा की सदस्यता की शपथ ले रही थीं तो वहां भी विवाद हो गया.

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प्रज्ञा सिंह ठाकुर संस्कृत में शपथ ले रही थीं, जैसे ही उन्होंने संस्कृत में अपने नाम का उच्चारण किया. विपक्ष ने इसका विरोध किया और कहा कि वे सिर्फ अपने नाम का ही उच्चारण करें. साध्वी प्रज्ञा ने संस्कृत में कहा, “मैं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर स्वामी पूर्णचेतनानंद अवधेशानंद गिरी लोकसभा सदस्य के रूप में…” साध्वी प्रज्ञा अभी शपथ ले ही रही थी कि बीच में कुछ सांसदों ने टोका टोकी शुरु कर दी. इसके बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर रुक गईं.

लोकसभा में मौजूद अधिकारियों ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कहा कि वे अपने पिता का नाम भी लें, इस बीच विपक्षी सदस्य हंगामा करते रहे. विपक्ष ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने चुनाव आयोग को जो शपथपत्र दिया है उसमें उनके गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरी का नाम दर्ज नहीं है और नियमों के मुताबिक उनका नाम लेने की अनुमति नहीं है. हालांकि प्रोटेम स्पीकर डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वे रिकॉर्ड चेक कर रहे हैं, कृपया शांति बनाए रखें. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने जब दूसरी बार शपथ लेना शुरू किया तो एक बार फिर विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर बीच में रुक गईं.

बाद में साध्वी प्रज्ञा  ने संस्कृत में शपथ ली. उन्होंने अपना नाम साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ‘पूर्णचेतनानन्द अवधेशानंद गिरि’ ही बोला. उन्होंने अपनी शपथ पूरी करने के बाद ‘भारत माता की जय’ भी बोला. उनके इस नाम को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई. पीठासीन अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने प्रज्ञा ठाकुर से संविधान या ईश्वर के नाम पर शपथ लेने को कहा. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर  ने कहा कि वह ईश्वर के नाम पर ही शपथ ले रही हैं और अपना वही नाम ले रही हैं जो उन्होंने फॉर्म में भरा है.

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