खनन घोटाले में दो और आइएएस अधिकारियों पर जल्द कसेगा शिकंजा, हो सकता हैं इनपर मुकदमा दर्ज

लखनऊ 9 अक्टूबर 2019। खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की जद में कुछ और जिले व वहां तैनात रहे आईएएस अफसर आ सकते हैं। सीबीआई ने जल्द ही सिद्घार्थनगर और शामली में हुए खनन घोटाले की जांच को जल्द ही आगे बढ़ाते हुए उसमें मुकदमा दर्ज कर सकती है।

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2016 में न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई आधा दर्जन जिलों में हुए खनन घोटाले की जांच कर रही है। इस मामले में सीबीआई अब तक पांच जिलों में हुए अवैध खनन की एफआईआर दर्ज कर चुकी है और इन एफआईआर में दर्ज आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारकर अहम दस्तावेज बरामद कर चुकी है।

इसमें कौशांबी, हमीरपुर, देवरिया, फतेहपुर और सहारनपुर शामिल है। सीबीआई जल्द ही सिद्घार्थनगर और शामली में हुए खनन घोटाले में भी एफआईआर दर्ज कर सकती है जिसमें कुछ और आईएएस अफसर के खिलाफ मुकदमे कायम हो सकते हैं।

बता दें सपा शासनकाल में हुए करोड़ों के खनन घोटाले के मामले में काली कमाई से जुटाई गई संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। कई आइएएस अधिकारियों समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में है। उनकी बेनामी संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सीबीआइ के मुकदमों को आधार बनाकर ईडी हमीरपुर, कौशाम्बी, फतेहपुर व देवरिया समेत पांच जिलों में हुए खनन घोटाले में अलग-अलग केस दर्ज कर मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब तक छह आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला, अभय सिंह, विवेक, संतोष कुमार राय, जीवेश नंदन व देवी शरण उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। सीबीआइ ने कोर्ट के आदेश पर सहारनपुर में हुए खनन घोटाले के मामले में 30 सितंबर को सहारनपुर के तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह व पवन कुमार समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआइ ने एक अक्टूबर को दोनों आइएएस अधिकारियों के घरों समेत कुल 11 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआइ छापे के दौरान आइएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह के घर से 15 लाख रुपये बरामद किए थे।

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