यूँ खिलखिलाई विधानसभा…  मंत्री अमरजीत ने धर्मजीत से कहा “बाँस गीत गाकर सुनाइए” धर्मजीत ने दिया जवाब “सरगुजा में रहकर महाराज के रहते बाँस ही तो बजा रहे हैं आप.. ऐसा बाँस गीत कि, महाराज भी सदन में कम दिख रहे हैं”

रायपुर,28 नवंबर 2019। सियासत में कहने का अंदाज कई बार ऐसा होता है कि, बेहद गहरी बात भी इस तरीक़े से कह दी जाती है कि, बात पहुंच भी जाए और शैली ऐसी हो कि आप मुस्कुराहट ना रोक सकें।
विपक्ष की संख्या भले कम हो लेकिन धर्मजीत सिंह अजय चंद्राकर शिवरतन शर्मा ऐसे नाम हैं जिनकी विषय पर पकड़, प्रश्न के जवाब में उलझाने की शैली सत्ता पक्ष को परेशान करते रहती है। इनमें डॉ रमन सिंह और अजित जोगी के नाम तो ख़ैर हैं ही, लेकिन विपक्ष में मोर्चा सम्हालने वाले नाम वही तीन है।

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छत्तीसगढ़ लोक कला अकादमी गठन के अशासकीय संकल्प के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा नुमाया हुआ।
लोक वाद्य का ज़िक्र करते हुए धर्मजीत सिंह ने बाँस गीत का ज़िक्र किया तो संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा
“बाँस गीत गाकर सुनाईए”
इस संवाद के आते ही वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा
“अरे बाँस की बात आप ही तो करेंगे,सरगुजा में रहकर महाराज के रहते बांस ही तो बजा रहे हैं आप..ऐसा बाँस गीत कि महाराज भी सदन में कम दिख रहे हैं”
सदन में कही गई इस बात के गहरे और मुकम्मल मायने हैं, लेकिन यह कुछ ऐसे अंदाज में कही गई कि, पूरा सदन खिलखिलाने लगा और मंत्री अमरजीत भगत भी मुस्कुराते देखे गए।

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