…सिर्फ 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले इस आर्किटेक्ट ने तैयार की है राम मंदिर की डिजाइन….कई मशहूर मंदिरों को दी है डिजाइन… इसी परिवार ने तैयार किया था सोमनाथ मंदिर का नक्शा… जानिये उनके बारे में

नयी दिल्ली 10 नवंबर 2019। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राममंदिर बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। बताया जाता है कि मंदिर के निर्माण में ढाई से तीन साल का समय लगेगा. आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने अयोध्या के राम मंदिर की डिजाइन तैयार की है. चंद्रकांत भाई सोमपुरा वही आर्किटेक्ट हैं जिन्होंने 30 साल पहले राम मंदिर की रेप्लिका बनाई थी. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की डिजाइन का खुलासा कर दिया है. यह मंदिर नागर शैली में बना अष्ट कोणीय होगा.चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने अयोध्या के राम मंदिर का जो नक्शा बनाया है उसके अनुसार यह मंदिर दो मंजिला का होगा. मंदिर के लिए भरतपुर से पत्थर लाए जाएंगे. विश्व हिन्दू परिषद ने मंदिरों के भारतीय शिल्प शास्त्र के हिसाब से इस मंदिर का निर्माण कराने का फैसला लिया है. आम तौर पर मंदिर चौकोर होते हैं लेकिन अयोध्या के राम मंदिर का गर्भगृह अष्टकोणीय होगा, जो कि इसे अन्य मंदिरों से अलग पहचान देगा. इसकी परिक्रमा गोलाई में होगी. इसका शिखर भी अष्टकोणीय होगा.

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चंद्रकांत भाई के बनाए गए मंदिर के मॉडल को अयोध्या के कारसेवक पुरम में रखा गया है. यह स्थान विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का मुख्यालय है. बताया जाता है कि मंदिर बनाने के लिए पत्थरों की तराशने का काम करीब 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है. मंदिर के निर्माण के साथ-साथ शेष पत्थरों को तराशा जाता रहेगा. मंदिर की प्लिंथ में ग्रेनाइट पत्थर लगेगा. इस मंदिर के निर्माण पर 40 से 50 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है. सरयू नदी से सटकर बनने वाले इस मंदिर की बुनियाद तैयार करने में करीब आठ माह लगेंगे.  इसके बाद पत्थरों को लगाने का काम शुरू किया जाएगा. पूरा मंदिर बनने में ढाई से तीन साल लग का समय लगेगा.

चंद्रकांत भाई सोमपुरा को मंदिरों के डिजाइन बनाने और निर्माण में महारत हासिल है. सिर्फ इंटर तक पढ़े इस वास्तुविद को यह कला विरासत में अपने दादा से मिली. चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने अब तक सौ से ज्यादा मंदिर बनाए हैं. उनका पूरा परिवार मंदिरों के निर्माण से जुड़ा रहा है. गांधीनगर, सिंगापुर, पीटसबर्ग और अमेरिका में मंदिरों के निर्माण में सोमपुरा के परिवार के सदस्य शामिल रहे हैं. चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने लंदन के अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर का नक्शा भी बनाया था. यह मंदिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. चंद्रकांत भाई के दादा प्रभाशंकर ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर की डिजाइन तैयार की थी. उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. गुजरात के पालिताणा शहर के निवासी चंद्रकांत भाई सोमपुरा के पिता ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर की मरम्मत का कार्य किया था.

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