इस IAS के खिलाफ राज्य सरकार ने दिये जांच के आदेश… 2003 बैच के अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार की हुई थी शिकायत…. CM को मिली शिकायत पर हुआ एक्शन

नयी दिल्ली 3 नवंबर 2019।उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुधन विभाग के सचिव और वर्ष 2003 बैच के आईएएस सत्येन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध मिलीं भ्रष्टाचार की शिकायतों पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) को गोपनीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ सहित अन्य स्थानों पर बेनामी संपत्ति रखने के अलावा अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. इसी के कारण वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ ‘गुप्त’ सतर्कता जांच शुरू की गई है. एक उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार, राज्य पशुपालन विभाग में सचिव के रूप में तैनात एस.के सिंह के खिलाफ जांच शुरू की गई है. विशेष सचिव आर.पी.सिंह ने 1 अक्टूबर को जांच के आदेश जारी किए. सूत्रों के अनुसार, एस.के सिंह के खिलाफ 6 और 19 अगस्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के एक वकील से प्राप्त दो शिकायतों के बाद जांच का आदेश दिया गया.

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मुख्यमंत्री कार्यालय को मिलीं शिकायतों को जांच के लिए राज्य सतर्कता विभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) को भेज दिया गया था. आर.पी. सिंह द्वारा जारी आदेश में जांच समय पर पूरा करने के लिए कहा गया है. सूत्र ने कहा कि मामले की जांच सतर्कता विभाग के एक अधिकारी द्वारा की जा रही है, जिसके पास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) का पद है. वकील ने शिकायतों में आरोप लगाया है कि अधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत रहते हुए अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के नाम पर ‘बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्ति’ अर्जित की.

एसके सिंह चंदौली, फर्रुखाबाद और बांदा जैसे जिलों के डीएम के अलावा मेरठ और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। मायावती सरकार में हुए एनआरएचएम घोटाले में भी एसके सिंह का नाम चर्चा में आया था। 24 मई 2017 को एसके सिंह के अलावा दो और आईएएस अफसर हृदय शंकर तिवारी और विमल शर्मा के यहां भी आयकर के छापे पड़े थे। आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि नोटबंदी के दौरान इन लोगों ने बड़े पैमाने पर नगदी इधर से उधर की। आयकर विभाग ने एसके सिंह के लखनऊ में गोमतीनगर स्थित आवास, फार्म हाउस और स्कूल पर छापा मारा था। उनके यहां से 37.50 लाख रुपये, बेटे शेखर के नाम 1.40 करोड़ की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज समेत कई अहम कागजात हाथ लगे थे।

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