CS शिवराज और उम्मेन का आदेश लास्ट डेट को निकला था, ढांड का एक दिन पहले, नए चीफ सिकरेट्री का ऐलान आज होगा या कल, उत्सुकता चरम पर

रायपुर, 30 अक्टूबर 2019। छत्तीसगढ़ के चीफ सिकरेट्री सुनील कुजूर के रिटायरमेंट की उल्टी गिनती शुरू हो गई हैं। कल शाम पांच बजे वे रिटायर हो जाएंगे। इससे पहले सरकार को नए सीएस का ऐलान करना होगा। हालांकि, पूरी संभावना है कि नए मुख्य सचिव के नाम की घोषणा कल दोपहर बाद ही की जाएगी। लेकिन, कई बार ऐसा भी हुआ है कि एक दिन पहले सीएस का ऐलान हुआ है। खासकर ऐसी स्थिति में जब किसी आईएएस को सुपरशीट करके सीएस बनाया गया।
19 साल में सिर्फ दो बार ऐसा हुआ है कि नए सीएस का ऐलान लास्ट डेट को एक घंटे पहले किया गया। एक बार शिवराज सिंह के समय और दूसरा पीजाय उम्मेन के समय। दोनों के टाईम कुछ अफसरों की सीनियरिटी को अंदाज कर उन्हें राज्य के ब्यूरोक्रेसी का मुखिया अपाइंट किया गया था।

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याद होगा, आरपी बगाई 2007 में रिटायर हुए थे, तब उनसे नीचे सीनियरिटी में बीकेएस रे, पी राघवन और बीके कपूर थे। लेकिन, रमन सरकार ने तीनों को ओवरलुक करते हुए शिवराज सिंह को नया सीएस बनाया था। यही नहीं, पीजाय उम्मेन के समय भी बीकेएस रे को बड़ी उम्मीदें थी। रे को ही नहीं सबको लग रहा था कि शिवराज रमन सिंह के चूकि बेहद क्लोज थे इसलिए सरकार ने एक बार उनको मौका दे दिया। लेकिन, उनके बाद बीकेएस रे की सेवाएं अभी बाकी थी। इसलिए, हो सकता है रमन सिंह रे पर इनायत करते हुए एक मौका दे देंगे। लेकिन, शिवराज के रिटायरमेंट के आखिरी दिन सरकार ने उम्मेन का आदेश निकाल दिया था।

शिवराज और उम्मेन का आदेश शाम चार बजे इसलिए निकाला गया क्योंकि सरकार को आशंका थी कि जिन अफसरों को ओवरलुक किया जा रहा है, वे कहीं अदालत न चल दें। लिहाजा, रणनीति के तहत दोनों का आर्डर शाम को चार बजे निकाला गया था।

उम्मेन के बाद सुनील कुमार सीएस बने थे। तब भी नारायण सिंह सीनियर थे। लेकिन, तब रिटायर वाला केस नहीं था। उम्मेन को हटाकर शाम छह बजे सुनील कुमार सरकार ने आदेश निकाल दिया था। सरकार ने नारायण सिंह को मंत्रालय से हटाकर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भेज दिया था। सुनील कुमार के बाद सीनियरिटी में विवेक ढांड आते थे। याने इसमें कोई दिक्कत नहीं थी। लिहाजा, सुनील कुमार के रिटायरमेंट के एक दिन पहले 27 फरवरी को सरकार ने उन्हें सीएस बनाने की घोषणा कर दी थी। ढांड के बाद अजय सिंह सीएस बने। और अजय के बाद सुनील कुजूर। अजय सिंह को इसी साल जनवरी में रात बारह बजे हटाकर कुजूर को कमान सौंपी गई।

बहरहाल, इस बार चीफ सिकरेट्री के लिए मुख्य मुकाबले में 87 बैच के सीके खेतान और आरपी मंडल हैं। ऐसा माना जाता है कि इन्हीं में से किसी एक के नाम का ऐलान होगा। लेकिन, मैदान में उतरने के लिए जर्सी पहनकर अजय सिंह भी तैयार हैं। वे भी आखिर सबसे सीनियर आईएएस हैं। 83 बैच के हैं अजय सिंह। 85 बैच के आईएएस एन बैजेंद्र कुमार का भी नाम बीच-बीच में चर्चा में आते रहता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन पांचों में से किस प्लेयर पर दांव लगाते हैं। सीएम का दो लाईन का आदेश इन अफसरों के लिए बड़ा मायने रखेगा। क्योंकि, आईएएस तो हर साल सौ से अधिक लोग बनते हैं, लेकिन, सीएस बनने का मौका इनमें से आखिर कितनों को मिलता है। चंद अफसरों को। छत्तीसगढ़ में 19 साल में अभी दस को ही यह अवसर मिला है।

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