छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपकर सहायक शिक्षकों को संकुल समन्वयक न बनाने की रखी मांग…. सहायक शिक्षकों ने संघ को बताया आम शिक्षाकर्मियों का दुश्मन !

रायपुर 3 दिसंबर 2019। प्रदेश में आम शिक्षाकर्मी अब तक अपनी एकता के लिए जाने जाते रहे है लेकिन कहीं न कहीं संविलियन के बाद से ही शिक्षाकर्मियों में फूट पड़ गई है और स्वहित, समूह हित पर भारी पड़ते दिखाई दे रहा है जो किसी भी लिहाज से सही नहीं कहा जा सकता । एक बार फिर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन अपने कामों को लेकर विवादों में घिर चुका है और इस बार ऐसा हुआ है छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के द्वारा सौपे गए उस ज्ञापन को लेकर जिसमें अधिकारियों से मांग की गई है की सहायक शिक्षकों को संकुल समन्वयक न बनाया जाए ।

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इसके बजाय संकुल समन्वयक व संकुल प्रभारी मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक/ उच्च वर्ग शिक्षक/ शिक्षक एलबी/ शिक्षक पंचायत को बनाया जाए , इसे लेकर सहायक शिक्षकों में जबरदस्त नाराजगी है और उनका कहना है कि संगठन के द्वारा इस प्रकार का ज्ञापन सौंपना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है और यह उनके असली सोच और चेहरे को उजागर करता है जो कि हमेशा से सहायक शिक्षक विरोधी रहा है और जिसका खामियाजा सहायक शिक्षक लंबे समय से भुगतते आ रहे हैं ।

संगठन द्वारा मांग करते समय कहा गया है कि माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों द्वारा सहायक शिक्षक को संकुल संबंधित प्रभारी बनाने पर आपत्ति की जा चुकी है लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि यदि ऐसा कुछ हुआ भी है तो उसके विषय में विभाग स्वत: संज्ञान ले लेगा , ज्ञापन सौंपने की जरूरत वह भी अपने ही सहायक शिक्षक साथियों के खिलाफ की जरूरत पड़ी ही क्यों, क्योंकि आमतौर पर यह माना जाता है कि कुछ शिक्षकों को मिलने वाले लाभ हानि के विषय में संगठन कभी नहीं पड़ते , यही कारण है कि नियमों को ताक पर रखकर हुए स्थानांतरण और अन्य व्यवस्थाओं पर भी कभी कोई संगठन आवाज नहीं उठाता क्योंकि इसका सीधा लाभ कहीं न कहीं उन्हीं के शिक्षक साथियों को मिला हुआ होता है ऐसे में ताज्जुब की बात है की एक बड़े संगठन के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को इस प्रकार की मांग रखी गई है ।

अपने ही साथियों का इस प्रकार विरोध करना संकीर्ण मानसिकता – प्रदीप पाण्डेय

इस संबंध में सहायक शिक्षक नेता प्रदीप पांडेय ने छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन से प्रश्न करते हुए पूछा कि सहायक शिक्षकों को संकुल शैक्षिक समन्वयक के पद से हटाने संबंधी ज्ञापन जिला रायगढ़ के जिलाध्यक्ष का व्यक्तिगत ज्ञापन है या यह संघ का सामूहिक निर्णय है। किसी संघ के द्वारा संघ के लेटर पैड का उपयोग करते हुए अपने ही संवर्ग के साथियों का इस तरह से विरोध उनके संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है साथ ही वर्ग 3 (सहायक शिक्षकों) को लेकर इनकी भावनाएं कैसी है यह उक्त ज्ञापन से स्पष्ट हो रहा है।


यदि कोई सहायक शिक्षक अपनी क्षमता एवं कार्य कुशलता के बल पर किसी पद पर कोई कार्य कर रहा है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए न कि ज्ञापन देकर इस तरह से विरोध।
प्रदेश में अनेक संकुलों में सहायक शिक्षक साथी संकुल शैक्षिक समन्वयक के रूप में कार्य करते आ रहे हैं जिनमें से हो सकता है कुछ लोग इस संघ से भी जुड़े हुए हों ऐसे में एक जिले के द्वारा दिया गया यह ज्ञापन प्रदेश के अन्य सहायक शिक्षकों को भी प्रभावित कर सकता है।

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