“16 अक्टूबर से जिले के सारे स्कुलो में होगी  तालेबंदी… जिला कार्यालय के सामने होगा अब तक का सबसे बड़ा व ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन आंदोलन….”

 

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राजनांदगांव 9 अक्टूबर 2019 जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के नियम विरुद्ध तबादले से आक्रोशित जिलेभर के लगभग ग्यारह हजार शिक्षक एवँ शिक्षाकर्मी आगामी 16 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे, जिससे पूरे जिलेभर के लगभग सभी स्कुलो में तालेबंदी की स्थिति निर्मित होगी।
यह आंदोलन “छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन” एवँ “छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस” के बैनर तले संयुक्त रूप से आयोजित होगा। उक्त आंदोलन को “जिला अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन”, “जिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ” एवँ “पुरानी पेंशन बहाली मंच” ने भी अपना खुला समर्थन दिया है। उक्त संघो के जिला अध्यक्षद्वय संतोष चौहान एवँ छन्नूलाल साहू व समस्त पदाधिकारीयों ने विगत दिनों जिला कार्यालय के सामने आंदोलन स्थल पर आकर अपने संगठन का खुला समर्थन दिया।
“छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन” के प्रदेशाध्यक्ष मनीष मिश्रा, जिला अध्यक्ष शंकर साहू, “छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस” के जिला अध्यक्ष सुरेश जैन एवँ शिक्षक नेता जाकेश साहू ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि जिला प्रशासन के हिटलरशाही व तानाशाही रवैय्ये से जिले के ग्यारह हजार शिक्षक लगातार प्रताड़ित हो रहे है। जिला प्रशासन द्वारा प्रशासनिक ट्रांसफर एवँ अध्यापन व्यवस्था के नाम पर कभी भी नियम विरुद्ध आदेश जारी कर जिले के शिक्षकों को मानशिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
विगत सप्ताह जिले के लगभग डेढ़ सौ शिक्षकों को नियम विरुद्ध तरीके से अध्यापन व्यवस्था के नाम पर उनके मूल पदस्थापना शाला से लगभग 150 से 200 किलोमीटर दूर ट्राईवल बेल्ट में ट्रांसफर किया गया है। बीच शिक्षा सत्र में ट्रांसफर एवँ अध्यापन व्यवस्था के नाम पर शिक्षकों को इस प्रकार प्रताड़ित करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।
“फेडरेशन” के प्रदेशाध्यक्ष मनीष मिश्रा एवँ शिक्षक नेता जाकेश साहू ने बताया कि इससे पूर्व भी अभी जुलाई-अगस्त महीने में जिले के अनेक शिक्षकों को प्रशासनिक ट्रांसफर के नाम पर जबरिया नियमविरुद्ध ट्रांसफर किया गया है। कुछ शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों को ट्रांसफर के नाम पर जबर्दस्ती मानशिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के स्थगन आदेश के बाद भी जिले के कई शिक्षकों का जबरिया प्रशासनिक ट्रांसफर अब तक जिला प्रशासन द्वारा रद्द नहीं किया गया है जिसके कारण पीड़ित व प्रताड़ित शिक्षक अब तक यंहा वँहा भटक रहे है। इन शिक्षकों को महीनों से वेतन भी नहीं दिया जा रहा है साथ ही इनके मातहत अधिकारी इन्हें ट्रांसफर हुए स्कुलो में ज्वाइनिंग के लिए जबर्दस्ती दबाव डाल रहे है।
“छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस” के जिला अध्यक्ष सुरेश जैन एवँ शिक्षक नेता जाकेश साहू ने बताया कि जिले के सैकड़ो शिक्षकों को बेवजह नियम विरुद्ध तरीके से अतिशेष के नाम पर मानशिक रूप से परेशान व प्रताड़ित किया जा रहा है। शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत 60 छात्र दर्ज संख्या पर दो शिक्षक, 61 से 90 छात्र दर्ज संख्या तीन शिक्षक, 91 से 120 छात्र दर्ज संख्या पर चार शिक्षकों की पदस्थापना अनिवार्य है। लेकिन शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मापदंडों का जिले में खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
“छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन” के जिला अध्यक्ष शंकर साहू ने बताया कि शासन के नियमानुसार प्रत्येक तीन माह में जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तर पर परामर्शदात्री शिक्षा समिति की बैठक आयोजित कर जिला स्तरीय समस्याओ का समाधान किया जाना चाहिए जो विगत एक वर्ष से नहीं किया जा रहा है। जिले भर के शिक्षकों का विभिन्न प्रकार का एरियर्स राशि लम्बित है जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिले के कई दिवंगत साथियों के परिजनों को अब तक अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी नहीं किये गए है। 22 सूत्रीय लम्बित समस्याओ का समाधान अब तक नहीं किया गया है जिनके सम्बन्ध में जिला प्रशासन को कई बार आवेदन दिया जा चुका है।
शिक्षक नेतागण मनीष मिश्रा, शंकर साहू, सुरेश जैन, छन्नूलाल साहू एवँ जाकेश साहू ने कहा कि उक्त मुद्दों को लेकर जिले के शिक्षक विगत 03 से 05 अक्टूबर तक लगातार जिला कार्यालय के सामने ओवरब्रिज के नीचे धरना प्रदर्शन करते रहे है। जिला प्रशासन को दशहरा अवकास तक समस्या समाधान का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि दशहरा अवकास तक सभी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं किया गया तो आगामी 16 अक्टूबर को जिलेभर के लगभग ग्यारह हजार शिक्षक जिलेभर के स्कुलो में तालेबंदी कर बेमुद्दत हड़ताल में चले जाएंगे जिनकी सम्पूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।

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