SP-DIG लेवल पर सेंट्रल डिपुटेशन के लिए IPS की बड़ी शार्टेज…..जरूरत 16 IPS की मिले रहे हैं सिर्फ 1… पढ़िये ये स्पेशल रिपोर्ट

नयी दिल्ली 28 अगस्त 2019। केंद्र को डिप्युटेशन के लिए IPS अफसर नहीं मिल रहे हैं, वो भी उस सूरत में जब देश में 14 केंद्रीय पुलिस संगठन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल हैं। मौजूदा स्थिति में केंद्र को प्रतिनियुक्ति के लिए SP और DIG रैंक के 16 IPS अफसरों की जरूरत हैं, लेकिन चौकाने वाली बात ये है कि महज एक IPS अफसर ही केंद्र को मिल पा रहे हैं।

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हाल ही में केंद्रीय राज्य कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में लिखित जवाब में बताया था कि देश में कुल 4900 पद IPS के स्वीकृत हैं, जिनमें से 19.64 यानि 970 पोस्ट साल 2018 की स्थिति में खाली थे। जो आंकड़ें अभी के हैं, उसके मुताबिक SP-DIG रैंक के लिए सिर्फ 1 ही IPS अफसर उपलब्ध हैं, जबकि SP स्तर के 29 में से 17 पद खाली है, जबकि DIG  स्तर के 144 स्वीकृत पद में से अभी भी 75 खाली है। द प्रिंट की खबर के मुताबिक आईजी, एडीजी, डीजी जैसे पदों पर रिक्तियों की संख्या कम है। आईजी स्तर पर 9 पद खाली हैं, जबकि आफर लिस्ट में सिर्फ दो अफसर ही आईजी स्तर के लिए उपलब्ध हैं, एडीजी व डीजी लेवल पर 7 और 5 अधिकारी मौजूद हैं। देश में कुल आईपीएस अधिकारियों की संख्या में 40 प्रतिशत पद सीडीआर यानि सेंट्रल डिप्युटेशन रिजर्व के लिए आरक्षित होते हैं।

हालांकि प्रमोशन का अलग-अलग पैमाना भी इसके प्रतिनियुक्ति की अनुपबलब्धता की बड़ी वजह कही जा सकती है। राज्य में अफसरों को जल्दी-जल्दी प्रमोशन मिलता है, जबकि सेंट्रल लेवल पर इसके नियम अलग-अलग होते हैं। मसलन अगर स्टेट में 1994 बैच के IPS भी ADG बन गये हैं, जबकि सेंट्रल में 1989 बैच के अफसर को अभी ADG बनाया गया है।  ऐसे में कोई अफसर अपने से कम रैंक पर प्रतिनियुक्ति में आने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।

केंद्र के लिए SP-DIG रैंक के अफसरों के लिए कमी क्यों

ऐसे तो हमेशा से IPS अफसरों की शार्टेज देश में रही है। फिर वो बात राज्य की हो या फिर सेंट्रल की। हालांकि मीडिल अफसरों की अभी जो सेंट्रल में कमी हुई है, इसकी एक बड़ी वजह 8 सालों तक लगातार IPS अफसरों का कम सेलेक्शन रहा। आंकड़ों के मुताबिक साल 1998 से 2006 तक आईपीएस का सेलेक्शन काफी कम हुआ, बमुश्किल 30 से 35 IPS अफसरों का ही बैच उन 8 सालों तक निकलता रहा।

मौजूदा चुनौतियों के बीच जिस तरह से सेंट्रल लेवल पर IPS अफसरों की कमी आयी है या फिर यूं कह लीजिये कि लोग सेंट्रल डिप्युटेशन से अफसरों ने दूरी बनायी है, उसने सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। लिहाजा फिलहाल संकट टालने के लिए केंद्र ने आईपीएस के लिए रिजर्व सीटों पर भी सीएपीएफ यानि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अफसरों को पोस्ट करना शुरू कर दिया है। केंद्र में DIG स्तर के अफसरों के लिए बीएसएफ में 15 पद और CRPF में 18 पद कैडर अधिकारियों को आईपीएस अधिकारियों को भरने का निर्देश दिया है। UPSC ने भी अपने सेलेक्शन में IPS की संख्या बढ़ायी है। पिछले कुछ सालों से IPS के 150 पदों पर नियुक्तियां शुरू की गयी है।

हालांकि 1998 से 2006 तक के बीच जो IPS  सेलेक्शन कम हुआ, उसकी वजह से अभी तात्कालिक रूप से सेंट्रल में SP-DIG की कमी है, लेकिन अगर इस क्राइसेस से निपटने के लिए सेंट्रल ने जो पालिसी अभी बनायी है, वो ज्यादा दिन तक कायम हीं रखा जा सकता, उसमें बदलवा करना होगा, क्योंकि ऐसी स्थिति में एक वक्त ऐसा भी होगा, जब आईपीएस केंद्र में आना चाहेगा, तो उसके लिए कोई पद नहीं होगा।

 

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