कहीं जला संविलियन के नाम पर दीप तो कहीं बनी संविलियन रंगोली….. बघेल सरकार से संविलियन की गुहार वाला गाना भी छाया यूट्यूब पर …. अलग अलग तरीके से शिक्षाकर्मी कर रहे सरकार का ध्यानाकर्षण

रायपुर 26 अक्टूबर 2019। शिक्षाकर्मी हमेशा से अपने आंदोलनों के नए नए तौर-तरीकों के लिए जाने जाते हैं खासतौर से 2018 के आंदोलन में उन्होंने जो जो रास्ते अख्तियार किए थे वह सरकार के साथ-साथ अन्य कर्मचारी संगठनों और मीडिया द्वारा भी सराहे गए क्योंकि जमीन पर स्कूल बंद करके हुई लड़ाई और आंदोलन की शून्य में वापसी के बाद शिक्षाकर्मियों ने अपने आंदोलन को सोशल मीडिया के जरिए ऐसी धार दी की हड़ताल के दौरान संविलियन न कभी हुआ है न होगा कहने वाले मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को स्वयं अपने ही मुंह से मंच से शिक्षाकर्मियों के संविलियन का ऐलान करना पड़ गया ।

वाट्सएप पर अपडेट पाने के लिए कृपया क्लीक करे

संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे की अगुवाई में एक बार फिर संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने दिवाली के मौके पर अनूठी पहल से प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है।

 

अब एक बार फिर शिक्षाकर्मी अपने नए-नए आंदोलनों के तौर तरीके से छाए हुए हैं और सरकार तक लगातार अपनी आवाज पहुंचा रहे हैं लोकवाणी में इसका जिक्र मुख्यमंत्री के समक्ष पहले ही हो चुका है तब शिक्षाकर्मियों ने संविलियन को लेकर सवालों के ढेर लगा दिए थे अब दीपावली के दौरान शिक्षाकर्मी नए-नए प्रयोग कर रहे हैं किसी ने संविलियन रंगोली सजाई है तो किसी ने संविलियन पेंटिंग बनाई है और तो और महासमुंद के उत्तर कुमार कलेट ने तो अपने स्वरों से सजा कर एक गीत ही तैयार कर दिया है जिसमें प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से संविलियन करने के लिए गुहार लगाई गई है और बकायदा इसका ऑडियो सांग रिलीज करके संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने अपना रिंगटोन बना लिया है । कुल मिलाकर एक बार फिर आने वाले बजट सत्र से पहले शिक्षाकर्मी माहौल को संविलियन के पक्ष में बना रहे हैं और इस बार उन्हें उम्मीद है कि प्रदेश के मुखिया उन्हें निराश नहीं करेंगे ।

क्या कहना है संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों का

संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे का कहना है कि प्रदेश में 25000 शिक्षाकर्मी ऐसे हैं जो वर्तमान में संविलियन से वंचित हैं और पंचायत विभाग में सेवा दे रहे हैं और शिक्षा विभाग में संविलियन की राह ताक रहे है ऐसे में प्रदेश के मुखिया और सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए हमारे साथी शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित किए बिना नए-नए तरीकों से सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं । इसी कड़ी में महिला शिक्षाकर्मी साथियों ने संविलियन रंगोली सजाई है तो कई साथियों ने संविलियन के लिए पेंटिंग बनाई हैं महासमुंद के हमारे एक साथी ने संविलियन के नाम पर गाना बनाया है और हम सब की आवाज प्रदेश के मुखिया तक पहुंचाने की कोशिश की है । इन सब प्रयासों को हम ट्विटर फेसबुक के माध्यम से प्रदेश की जनता और सरकार तक भी पहुंचा रहे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और सरकार इस पर जल्द ही निर्णय लेगी ।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.