सारकेगुड़ा इनकाउंटर : पीसीसी चीफ व मंत्रियों के साथ आदिवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर कार्रवाई की मांग की….अब मुख्यमंत्री से भी मिलकर जांच रिपोर्ट के आधार पर एक्शन की करेंगे डिमांड

रायपुर 3 दिसंबर 2019। सारकेगुड़ा फर्जी इनकाउंटर मामला अब राजभवन पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री कवासी लखमा, अनिला भेड़िया की अगुवाई में बस्तर के आदिवासी नेता राजभवन पहुंचे और सारकेगुड़ा इनकाउंटर मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब 40 मिनट राजभवन में हुई मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को जिम्मेदार बताया।

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मोहन मरकाम ने कहा कि 2012 से ही कांग्रेस इस बात को लेकर आशंका जता रही थी कि मुठभेड़ के नाम पर ग्रामीणों को सुरक्षा बलों ने निशाना बनाया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद उस बात की आशंका सही साबित हुई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट से साफ हो गया है कि मुठभेड़ के नाम पर किस तरह से आदिवासियों को मारा गया। उन्होंने कहा कि आज भी बस्तर के 700 गांव खाली हैं। राज्यपाल ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आश्वस्त किया है कि पीड़ित ग्रामीणों को जरूर न्याय मिलेगा। 

राज्यपाल से मुलाकात के बाद अब आदिवासी नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी मुलाकात करेंगे और सारकेगुड़ा की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग करेंगे। मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि वो जांच टीम में शामिल थे और पहले ही कहते रहे हैं कि निर्दोष आदिवासियों को मारा गया। शाम में 16 ग्रामीणों को और फिर सुबह जाकर 1 ग्रामीण को मारा गया है। उन्होंने अब मुख्यमंत्री से मिलकर इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की जायेगी।

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