RBI ने किया ATM से इन नियमों में बदलाव, करोड़ों ग्राहकों उठा सकेंगे इसका बड़ा लाभ

नईदिल्ली 16 अगस्त 2019। एटीएम धारकों के लिए अच्छी खबर है. अब बैलेंस इन्क्वायरी और फेल ट्रांसजेक्सन को को फ्री लिमिट में नहीं गिना जाएगा। इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सभी बैंकों को कहा है।आरबीआई ने इसे लेकर एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर के मुताबिक, एटीएम में किसी भी तरह की तकनीकी खामी और कैश नहीं होने पर उसे फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल नहीं माना जाएगा। गलत पिन डालना भी फ्री ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा।

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बैंक कुछ ही संख्या में एटीएम की फ्री ट्रांजेक्शन हर महीने अपने ग्राहकों को देते हैं। फ्री ट्रांजेक्शन के बाद वह ग्राहकों से चार्ज लेते हैं। ग्राहकों को फायदा पहुंचान के लिए आरबीआई ने सर्कूलर जारी कर फ्री ट्रांजेक्शन के नियम बताए हैं। दरअसल ग्राहकों की शिकायत रहती है कि बैंक फेल ट्रांजैक्शन को भी फ्री ट्रांजैक्शन गिन लिया जाता है। ज्यादातर बैंक 5 से 8 फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन देते हैं। इसके बाद बैंक चार्ज वसूलता है।

अभी देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सामान्य सेविंग अकाउंट पर 8 फ्री ट्रांजेक्शन देता है। एसबीआई 5 फ्री ट्रांजेक्शन एसबीआई एटीएम और तीन अन्य बैंकों पर देता है। छोटे शहरों में 10 फ्री ट्रांजेक्शन मिलती है।

आरबीआई ने बदले एटीएम (ATM) से जुड़े नियम
– अब बैंक नॉन कैश ट्रांजेक्शन जैसे बैलेंस की जानकारी, चेक बुक अप्लाई, टैक्स पेमेंट या फंड ट्रांसफर को एटीएम ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा। यानी ये अब फ्री ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा बैंक फेल ट्रांजेक्शन को भी एटीएम ट्रांजेक्शन में नहीं गिना जाएगा।
– पिन वैलिडेशन की वजह से एटीएम ट्रांजेक्शन फेल होने को भी एटीएम ट्रांजैक्शन में नहीं गिना जाएगा।
– आरबीआई ने कहा है कि बैंक फेल ट्रांजेक्शन पर चार्ज नहीं वसूल सकते।

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