आबकारी एक्ट के तहत जेल में बंद आदिवासियों की जल्द होगी रिहाई…. जस्टिस पटनायक कमेटी भेजेगी सरकार को प्रस्ताव

रायपुर 30 अक्टूबर 2019। आबकारी एक्ट के तहत जेल में बंद आदिवासियों पर दर्ज प्रकरण राज्य सरकार वापस ले सकती है। मामले की समीक्षा के लिए बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि आबकारी एक्ट के आदिवासियों से जितने भी जुर्म हुए हैं, वो उनकी चूक और जानकारी के अभाव में हुई है, लिहाजा उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण को वापस लिया जाना चाहिये । जानकारी के मुताबिक आबकारी एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों को समाप्त करने का प्रस्ताव जल्द ही राज्य सरकार को भेजा जायेगा।

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कमेटी ने अपनी समीक्षा में पाया कि आदिवासियों पर ज्यादतर प्रकरण मामूली अपराध में दर्ज में हुए हैं। अगर आदिवासियों को आबकारी नियमों की जानकारी होती तो ऐसे अपराध होते भी नहीं। लिहाजा चूक की वजह से अपराध मानते हुए कमेटी ने ये प्रस्ताव दिया है कि आदिवासियों पर दर्ज तमाम मामलों को वापस लिया जाना चाहिये। आदिवासियों के खिलाफ सरकार से प्रकरण वापस लेने के भेजे गये प्रस्ताव के बाद अब जल्द ही जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई का रास्ता साफ हो जायेगा।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता में प्रकरणों की समीक्षा के लिए कमेटी बनायी थी। इस कमेटी मे डीजीपी डीएम अवस्थी सहित कई पुलिस अफसर व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे।आदिवासियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा के लिए बनी कमेटी के अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व न्यायमूर्ति एके पटनायक ने कहा कि बस्तर संभाग के 7 व राजनांदगांव जिले में आदिवासियों के खिलाफ दर्ज उन प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिनमें वे जेलों में बंद हैं. इनमें से विशेषकर आबकारी एक्ट के तहत दर्ज मामलों पर आज की बैठक में विचार किया गया.

 

 

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