आईएएस की सर्जरी….आलोक शुक्ला, सुब्रत साहू लौटेंगे मंत्रालय, नए सीएस के साथ कुछ और आईएएस को मिलेगी नई पोस्टिंग

रायपुर, 30 अक्टूबर 2019। कल दोपहर बाद राज्य के नए चीफ सिकरेट्री के नाम का ऐलान होगा। इसके साथ ही मंत्रालय में भी कुछ अफसरों को नई पोस्टिंग मिलेगी। पिछले चार साल से बाहर डा0 आलोक शुक्ला मंत्रालय लौटेंगे, वहीं चीफ इलेक्शन आफिसर सुब्रत साहू को भी विभाग मिलेगा।

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सूबे के चीफ सिकरेट्री सुनील कुजूर का कल रिटायरमेंट है। हालांकि, राज्य सरकार ने उनके एक्सटेंशन के लिए भारत सरकार को लेटर लिखा था। उसके बाद रिमाइंडर भी। लेकिन, बात बनी नहीं। खबर है, डीओपीटी इसके लिए तैयार नहीं है। लिहाजा, कुजूर के रिटायरमेंट से पहले नए चीफ सिकरेट्री की घोषणा हो जाएगी।

सीएम कल दोपहर जांजगीर और बिलासपुर जिले के दौरे पर जा रहे हैं। या तो नोटशीट पर दस्तखत करके वे जाएंगे और उसका ऐलान शाम को होगा। या फिर, शाम साढ़े चार बजे उनके लौटने के बाद घोषणा होगी।

कुजूर के साथ ही कल एसीएस एग्रीकल्चर और एपीसी केडीपी राव भी रिटायर हो रहे हैं। याने केडीपी का विभाग खाली तो होगा ही, जो एसीएस कुजूर की जगह लेगा उसका विभाग भी वैकेंट होगा। याने दो-से-तीन विभाग खाली होंगे।

उधर, नान घोटाले में प्रमुख सचिव डा0 आलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। वे पिछले चार साल से बिना विभाग के हैं। 86 बैच के आईएएस आलोक शुक्ला काबिल और रिजल्ट देने वाले अधिकारी माने जाते हैं। इसलिए, उन्हें कोई अहम विभाग ही मिलेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू भी करीब डेढ़ साल से मंत्रालय से बाहर हैं। विधानसभा, लोकसभा के साथ ही वे दो उपचुनाव करा चुके हैं। कल के आदेश में निश्चित तौर पर सुब्रत का भी नाम रहेगा। विभाग भी उन्हें ठीक-ठाक मिलना चाहिए क्योंकि कांग्रेस के लिए उनका निर्वाचन में रहना शुभ हुआ है। लोकसभा को छोड़ दें तो विधानसभा और दो उपचुनावों में कांग्रेस को जीत मिली। कुल मिलाकर सुब्रत की ग्रेडिंग बढ़ियां है।

कल की सर्जरी में हो सकता है, प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, सिकरेट्री सोनमणि बोरा, सिकरेट्री कमलप्रीत सिंह, अविनाश चंपावत जैसे कुछ अफसरों और जिम्मेदारियां मिल जाए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच जब तकरार की खबर उड़ रही थी, ऐसे मौके में बोरा ने न केवल नगरीय निकाय अध्यादेश पर राजभवन से मंजूरी दिलाई बल्कि राज्यपाल ने धान के समर्थन मूल्य के इश्यू पर सरकार के पक्ष में प्रघानमंत्री को पत्र लिखा और पूर्व कलेक्टर एवं बीजेपी नेता ओपी चौधरी के खिलाफ जांच के लिए चीफ सिकरेट्री को लेटर भी। राजभवन सिकरेट्री राजभवन और सरकार के बीच सेतु का काम करता है। बोरा को राजभवन सिकरेट्री के साथ ही एडिशनल तौर पर मंत्रालय में विभाग मिलने की अटकलों का आधार सिर्फ यही है कि उन्होंने राजभवन से सरकार के लिए गुड न्यूज दिलाया है। मंत्रालय के लोगों को इसीलिए बोरा को लेकर उम्मीद भी है।

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