पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का निधन…..चुनाव सुधारों के लिए थे मशहूर ….. नेता कांपते थे शेषन के नाम से

नयी दिल्ली 11 नवंबर 2019।  मशहूर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का निधन हो गया है. रविवार को 86 साल की उम्र में शेषन का निधन हो गया. शेषन को उनके कड़े रुख के लिए जाना जाता है. उन्होंने अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव किसी को नहीं बख्शा.तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के आईएएस अधिकारी शेषन ने 10वें चुनाव आयुक्त के तौर पर अपनी सेवाएं दी थीं।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व चुनाव आयुक्त का स्वास्थ्य पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं था. दिल का दौरा पड़ने से रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया. अपनी स्पष्टवादिता के लिए प्रसिद्ध शेषन बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ सालों से सिर्फ अपने आवास पर रह रहते थे. उनका बाहर आना-जाना लगभग ना के बराबर हो गया था.

उन्होंने चेन्नई में अंतिम सांस ली. राजीव गांधी के कार्यकाल में वो कैबिनेट सचिव रहे थे. चुनाव आयुक्त बनने के बाद उन्होंने अपने सख़्त और क़ानून के पाबंद रवैये के रूप में बहुत नाम कमाया. टीएन शेषन 6 साल चुनाव आयुक्त रहे.

टीएन शेषन यानी तिरुनेल्लई नारायण अय्यर शेषन का जन्म 15 दिसंबर 1932 को केरल के पलक्कड़ जिले में हुआ था। टी एन शेषन ने 1990 से लेकर 1996 तक मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला था।

उनकी प्रसिद्धि का कारण ही यही था कि उन्होंने जिस मंत्रालय में काम किया उस मंत्री की छवि अपने आप ही सुधर गई. लेकिन 1990 में मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद इन्हीं शेषन ने अपने मंत्रियों से मुँह फेर लिया.

बल्कि उन्होंने बक़ायदा एलान किया, “आई ईट पॉलिटीशियंस फॉर ब्रेक फ़ास्ट.” उन्होंने न सिर्फ़ इसका एलान किया बल्कि इसको कर भी दिखाया. तभी तो उनका दूसरा नाम रखा गया, “अल्सेशियन.”

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