शिक्षाकर्मी पिता को बेटे के सामने मिली दर्दनाक मौत : हाथियों ने पहले सूंड़ से उठाकर पटका….फिर पैरों के नीचे कुचल दिया…..कई हिस्सों में मिला शव… हाथियों का लोकेशन लेने ग्रामीणों संग गये थे शिक्षक

सूरजपुर 10 नवंबर 2019। हाथियों के हमले में एक शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गयी। मामला सूरजपुर के बिहारपुर क्षेत्र का है, जहां हाथियों ने शिक्षक विश्वनाथ तिवारी को कुचलकर मार डाला।मृतक का शव पांच सौ मीटर के क्षेत्र में कई टूकडों में बिखरा मिला। घटना के बाद मृतक का बेटा व अन्य ग्रामीण वहीं थे, सभी ने भागकर अपनी जान बचाई। इससे पहले एक किसान की भी इसी तरह जान जा चुकी है। अब वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से ग्रामीणों में गुस्सा है।  शिक्षक विश्वनाथ तिवारी बिहारपुर में ही माध्यमिक शाला में पदस्थ थे। सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पासल में हाथियों के आ जाने की सूचना पर शाम लगभग 6:30 बजे शिक्षक विश्वनाथ तिवारी पिता चंद्रिका तिवारी 50 वर्ष के साथ गांव के 25-30 लोगहाथों में टॉर्च लेकर हाथियों की वास्तविक मौजूदगी वाले स्थल का पता करने निकले थे।

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बताया जा रहा है कि हाथियों का एक दल धान के खेत में मौजूद था लगभग 17 हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। ग्रामीणों को इस बात का आभास नहीं था कि दल का एक हाथी अलग होकर झाड़ियों के बीच छिपा हुआ है। उसकी मौजूदगी का पता चलते ही लोग जान बचाकर भाग निकले। वापस लौटने के बाद उन्हें पता चला कि शिक्षक विश्वनाथ तिवारी वापस नहीं लौटे हैं।

लोगों ने जब विश्वनाथ तिवारी के मोबाइल पर संपर्क किया तो भी उनके मोबाइल पर रिंग तो हुआ, लेकिन उसे किसी ने रिसिव नहीं किया। अनहोनी की आशंका से ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल फारेस्ट के अफसरों को दी। ग्रामीण कुछ देर बाद जब मौके की तरफ गये तो वहां शिक्षक विश्वनाथ तिवारी का शव कई टुकड़ों में मिला। हाथियों ने ना सिर्फ उन्हें पैरों से कुचला था, बल्कि सूंड़ से उठाकर इधर-उधर फेंका भी था, जिसकी वजह से शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया था।शिक्षाकर्मी विश्वनाथ तिवारी अपने बेटे रामअधीन के साथ घर से बाहर निकले तो गांव के दर्जन भर लोग हाथियों को भगाने की तैयारी में थे। घर के पास ही खेत होने के कारण विश्वनाथ तिवारी पटाखा फोड़कर हाथियों को भगाने के लिए घर से कुछ दूरी पर गए। हाथी उनकी तरफ आया। हाथी ने शिक्षाकर्मी को पटक दिया। विश्वनाथ तिवारी गांव के ही मिडिल स्कूल में पदस्थ थे।

आपको बता दें कि बिहारपुर इलाके में पिछले दो दिनों में हाथियों ने दो लोगों की जान ले ली है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि वन विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाथियों के जिस झूंड ने बिहारपुर के आसपास डेरा जमाया है, उनमें एक हाथी प्यारे भी है, जिसमें कालर आईडी लगा है, जिससे वन विभाग को उसका लोकेशन मिलता रहता है, बावजूद विभाग की तरफ से किसी तरह से हाथियों को खदेड़ने का काम नहीं किया जा रहा है।

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