शिक्षाकर्मी की खबर : बर्खास्त हुए वर्ग-2 शिक्षाकर्मी के पक्ष में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला …. 10 साल का वेतन, एरियर्स के साथ अन्य लाभ 3 महीने के भीतर देने का निर्देश… ये है पूरा मामला

बिलासपुर 30 नवंबर 2019। नौकरी से बर्खास्त किये एक शिक्षाकर्मी को 10 साल बाद हाईकोर्ट ने ज्वाइनिंग कराने का आदेश दिया है। लंबी चली कानूनी लड़ाई के बाद शुक्रवार को शिक्षाकर्मी के पक्ष में कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने शिक्षाकर्मी को ज्वाइन कराने के आदेश के साथ-साथ 10 साल का संपूर्ण वेतन और एरियर्स के साथ-साथ अन्य तमाम लाभ देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि शिक्षाकर्मी को ये सभी लाभ 3 महीने के भीतर दिया जाये।

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आपको बता दें कि साल 1998 में महेश कुंभकार की नियुक्ति शिक्षाकर्मी वर्ग-2 में राजनांदगांव के छुईखदान नगर पंचायत में हुई थी। 1998 से चार साल की नौकरी के बाद 2002 में नगर पंचायत की तरफ से की गयी नियुक्ति को राज्य सरकार ने मानने से इंकार कर दिया और भर्ती को निरस्त कर दिया। इस मामला कोर्ट में गया…इस कोर्ट के फैसला शिक्षाकर्मी के पक्ष में आया, लेकिन उसके बाद एक बार फिर साल 2009 में  राज्य सरकार ने बिना महेश कुंभकार का पक्ष सुने ही पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।

जिसके बाद बिलासपुर हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी गयी। बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली इस याचिका को लेकर 10 साल तक केस चला, जिसके बाद जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने शिक्षाकर्मी महेश कुंभकार के पक्ष में फैसला सुनाया। शिक्षाकर्मी महेश कुम्भकार की तरफ से  अधिवक्ता महेश दुबे व निमेश कुमार झा ने पैरवी की। जिसके बाद कोर्ट ने पीड़ित को पुनः बहाली एवं 10 वर्ष का सम्पूर्ण वेतन तथा एरियर्स, 3 माह के समयसीमा में प्रदान करने के आदेश दिया है।

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