शिक्षाकर्मी ने 20 रुपए के स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर अपनी ही पूर्व छात्रा से दूसरी शादी रचा ली, पहली पत्नी को तलाक भी नहीं दिया

विश्वबंधु शर्मा

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जशपुर, 17 अक्टूबर 2019। जशपुर जिले में कुछ शिक्षकों के कारनामे सदैव चर्चा में रहते हैं। ताजा मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र का है, जहां हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षाकर्मी ने अपनी ही पूर्व छात्रा से ब्याह रचा लिया। वो भी 20 रुपए के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देकर। शपथ पत्र में लिखा है, मैं दूसरी पत्नी के रूप में फलां युवती को स्वीकार करता हूं…उसे दूसरी पत्नी का पूरा हक दूंगा। अलबत्ता, शिक्षाकर्मी ने अपनी पहली पत्नी को तलाक भी नहीं दिया है।

दरअसल गुरु-शिष्या के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली यह घटना 14 अक्टूबर की है। 13-14 अक्टूबर की दरमियानी रात जब लड़की के घरवाले करमा त्यौहार मनाने दूर के गांव गए हुए थे तब घटमुण्डा शासकीय हाईस्कूल में पदस्थ शिक्षक बिहानू खलखो 46 वर्ष घर की दीवाल लांघकर लड़की के घर मे घुस गया। जिसकी भनक गांव के लोगों को लग गई। अय्याश शिक्षक इससे पहले भी गांव में अन्य लड़की के साथ इस तरह की हरकत करते पकड़ा चुका था। जिससे ग्रामीण नाराज थे। ग्रामीणों की सूचना पर लड़की का भाई दरवाजे के ताले को तोड़कर अंदर घुसकर शिक्षक को निकाला। इसके बाद करमा त्यौहार मना रहे ग्रामीण अय्याश शिक्षक को पकड़कर खम्भे से बांध दिए फिर लड़की के भाई ने जमकर पिटाई की। ग्रामीणों ने बताया कि बिहानू खलखो को पकड़ कर रखा गया था लेकिन सुबह शौच जाने के बहाने फरार हो गया।

गांव में इस मामले पर मीटिंग हुई जिसमें फैसला किया गया कि लड़की की जिंदगी खराब करने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने थाने जाएंगे। इधर शातिर शिक्षक बिहानू ने अपनी गलती छिपाने के लिए साजिश रची और लड़की के घरवालों को लड़की से शादी करने का झांसा देकर अपने पक्ष में कर लिया। इतना ही नहीं शाम तक लड़की पक्ष को लेकर कुनकुरी आया और स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र देकर लड़की को अपनी दूसरी पत्नी के रूप में रखना स्वीकार कर लिया। शपथ पत्र में उसने लिखा है कि वह लड़की को दूसरी पत्नी का हक देगा।

जबकि, इस शपथ पत्र को अवैधानिक बताया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक इस प्रकार से शपथ पत्र का निष्पादन किया ही नहीं जा सकता है और शपथ पत्र देकर दूसरी पत्नी के रूप में दर्जा देने का प्रावधान ही नहीं है। शिक्षक को शिक्षित समाज का हिस्सा माना जाता है, जिसे कम से कम इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पहली पत्नी के रहते किसी को दूसरी पत्नी का दर्जा वैधानिक नहीं है और इसके लिए सजा का भी प्रावधान है। बहर हाल उक्त गुरूजी की इस प्रेम कहानी खूब चर्चा में है और शपथ पत्र भी खूब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

शपथ पत्र में शिक्षाकर्मी ने लिखा है कि

शिक्षाकर्मी का का उक्त लडकी के साथ लगभग चार माह से प्रेम संबंध था और पति, पत्नी के रूप में रह रहे थे। यह कि शपथकर्ता शादी शुदा है एंव शिक्षाकर्मी के पद पर जशपुर जिले के उक्त गांव में पदस्थ है। यह कि शपथकर्ता याने शिक्षाकर्मी उक्त लडकी को दूसरे पत्नी के रूप में सलूक करेगा और शिक्षाकर्मी के चल एंव अचल संपत्नी पर उसका अधिकार होगा। होने वाले संतान को भी शपथकर्ता के द्वारा उत्तराधिकारी के रूप में हक दिया गया है।

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