DGP ने दी डेडलाइन…महिलाओं से जुड़े अपराध की जांच हर हाल में तीन महीने के भीतर करें, देरी होगी तो अधिकारियों पर कार्रवाई

भोपाल 9 अक्टूबर 2019। महिलाओं की सुरक्षा एवं पीडित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा एक बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों को एक परिपत्र जारी किया है। महिलाओं से जुड़े अपराध की जांच के लिए डीजीपी सिंह ने तीन महीने की अधिकतम सीमा तय कर दी है। वैसे यौन अपराधों के लिए पहले ही दो महीने की समय सीमा तय है, जबकि एट्रोसिटी से जुड़े प्रकरण की जांच एक माह में करनी होती है। इसके अलावा भी महिलाओं से जुड़े जितने मामले होंगे, उसकी जांच हर हाल में तीन महीने में पूरी करनी होगी। इस संबंध में डीजीपी ने सभी रेंज आईजी को परिपत्र जारी किया है। इसके मुताबिक प्रकरणों की विवेचना कम से कम समय में पूरा कर अदालत में प्रकरण पेश करें, जिससे महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके। विवेचना में अनावश्‍यक देरी करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने और उन्‍हें दंडित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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मातहत अधिकारियों को भी उपलब्ध कराएं परिपत्र की कॉपी

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि अदालत के फैसले व निर्देश, पुलिस मुख्‍यालय के आदेश व निर्देश आदि के पालन में विवेचना सामान्‍यत: तीन माह में पूरी कर ली जाए। जिन प्रकरणों में समय सीमा में विवेचना पूरी नहीं हुई है, उनमें संबंधित पुलिस अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच की जाए। पुलिस महानिदेशक ने हिदायत दी है कि परिपत्र की प्रति सभी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप अधीक्षक, नगर पु‍लिस अधीक्षक व अनुविभागीय पु‍लिस अधिकारियों को भी उपलब्‍ध कराई जाए।

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