चीफ सिकरेट्री ने 26 कलेक्टरों को जारी किया शो-कॉज नोटिस….मुख्य सचिव के तेवर के बाद यूपी के अफसरों में मचा हड़कंप… मुख्यमंत्री के बाद मुख्य सचिव भी अफसरों से नाराज

लखनऊ 1 दिसंबर 2019। रोक के आदेश के बावजूद पराली जलाए जाने की घटनाओं पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की है. मुख्य सचिव आर के तिवारी ने 26 जिलों के डीएम को पराली जलाने के मामले में नोटिस भेजकर उनसे जवाब तलब किया गया है.मुख्य सचिव आरके तिवारी ने जिलाधिकारियों से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने ने जिलाधिकारियों से जवाब मांगा है कि अब तक पराली जलाने वालों पर क्या कार्रवाई हुई है.

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सीएस आरके तिवारी ने पराली जलाने पर मेरठ, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, बागपत, हापुड़, शामली, फिरोजाबाद, हाथरस, आगरा, संभल, मुरादाबाद, बदायूं, ज्योतिबाफुले नगर, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, ललितपुर, बांदा ,जालौन, कन्नौज, अमेठी, हमीरपुर, भदोही, चित्रकूट और महोबा के जिलाधिकारियों से जवाब तलब किया है.बता दें कि पराली जलाने को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही खफा हैं. इसको लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रखे हैं. गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पड़ौस के राज्यों पर निशाना साधते नजर आते हैं. केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली में प्रदूषण पड़ौसी राज्यों में किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली से ज्यादा बढ़ता है.

दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के बाद खेतों में हरियाणा, पंजाब और यूपी सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। यूपी कृषि विभाग ने कटाई के बाद खेत में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जिसमें किसानों पर जुर्माना और साथ में एफआईआर भी हो सकती है। इसी के मद्देनजर पिछले कुछ समय में कई किसानों पर जुर्माना लगाए जाने की भी खबरें आई थीं।

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