मुख्यमंत्री भूपेश का आह्वान “किसान और उसकी उपज का सम्मान राजनीति से परे.. धान को सेंट्रल पुल में ख़रीदी के लिए पीएम मोदी जी को विपक्ष भी लिखे पत्र”

रायपुर,26 अक्तूबर 2019। केंद्र सरकार के साथ धान के सेंट्रल पुल में शामिल करने को लेकर हुआ AMU मौजुदा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। यह AMU स्पष्ट करता है कि, जो राज्य अनाज में बोनस देंगे उनका अनाज सेंट्रल पुल में शामिल नहीं किया जाएगा। हालाँकि बीते दो साल में जबकि भाजपा सरकार थी, केंद्र ने अपने नियम शिथिल किए और धान को सेंट्रल पुल में शामिल कर लिया।पर इस बार केंद्र का रुख़ लचीला नहीं है।
राज्य का 32 लाख मीट्रिक टन धान सेंट्रल पुल में जाना है, लेकिन केंद्र ने इस मसले पर अब चूप्पी साध ली है। यदि यह धान सेंट्रल पुल में शामिल नहीं हुआ तो समझिए कि धान का हश्र क्या होगा।

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यही वजह है कि, CM भूपेश बघेल ने इस साल जुलाई और फिर सितंबर में केंद्र सरकार और फिर प्रधानमंत्री को सीधा पत्र लिखा। जिसमें आग्रह किया गया था कि, केंद्र EMU की शर्त को लचीला कर दे।हालात की गंभीरता को देखते हुए ही राज्यपाल अनुसूईया उइके ने भी पृथक से प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पत्र का हवाला देते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।
CM भूपेश बघेल ने अब इस मसले पर विपक्षी दल और उनके नेताओं से आग्रह किया है कि, वे भी प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर धान को सेंट्रल पुल में शामिल करने का आग्रह करें। CM भूपेश बघेल ने कहा –

“राज्यपाल जी का धन्यवाद कि, उन्होंने पीएम को पत्र लिखा.. मेरा विपक्ष के नेताओं से भी आग्रह है कि, वे पीएम को पत्र भेजकर अनुरोध करें”

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी हालिया दिल्ली दौरे के दौरान इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाह रहे थे, हालाँकि उनकी मुलाक़ात नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा –

“मैं फिर से प्रधानमंत्री जी से मिलने की कोशिश करुंगा,और उन्हे प्रदेश के किसानों की तकलीफ़ बताने की..

समझाने की भरसक कोशिश करुंगा”
CM भूपेश बघेल ने NPG से कहा –

“किसान और उसकी उपज सम्मान का विषय है, राजनीति का नही.. किसान की बेहतरी होगी तो पूरी व्यवस्था बेहतर होगी.. अगर राज्य मंदी से बेअसर है तो इसकी वजह राज्य सरकार की वह नीति और योजना है जिससे पैसे सीधे किसान की जेब में गए.. मुझे विश्वास है राज्य का विपक्षी किसान विरोधी नहीं है..और किसान और उसकी उपज के सम्मान के लिए विपक्ष भी प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिखेगा और आग्रह करेगा”

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