बड़ी खबर-मंत्री ने एसीएस से छीने सारे अधिकारी, जूनियर को दे दी जिम्मेदारी, नाराज एसीएस गए छुट्टी पर

भोपाल, 17 अक्टूबर 2019। मध्यप्रदेश में आज हुए एक हाईवोल्टेज पालीटिकल और ब्यूरोक्रेटिक घटनाक्रम में वन मंत्री उमंग सिंघार ने अपने विभाग के एडिशनल चीफ सिकरेट्री एपी श्रीवास्तव से सारी जिम्मेदारियां छीन ली। मंत्री ने नान आईएएस एचएस मोहंता को विभाग का पूरा काम सौंप दिया है। मोहंता विभाग में सिकरेट्री हैं।
श्रीवास्तव 84 बैच के आईएएस हैं। याने चीफ सिकरेट्री लेवल के। मंत्री उनसे इसलिए नाराज हो गए कि पौधारोपण घोटाले की जांच ईओडब्लू से कराने के लिए उन्होंने कहा था और एसीएस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मंत्री इस मामले में पूर्व सीएस शिवराज सिंह, पूर्व वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार की जांच कराना चाहते हैं।
मंत्री के इस कार्रवाई के बाद एसीएस श्रीवास्तव 31 अक्टूबर तक छुट्टी पर चले गए हैं। इस मामले में उन्होंने कहा कि मैं छुट्टी से लौटकर देखेंगे।

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उधर आईएएस एसोसियेशन भी इस मामले में मौन है। मीडिया ने आज एसोसियेशन के कई पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की। लेकिन, कोई भी अफसर इस पर मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं हुए।

मंत्री सिंघार ने कार्यपालिका अनुच्छेद 13 का उपयोग करते हुए कार्य का विभाजन किया है। ज्ञात हो कि वन मंत्री और ACS एपी श्रीवास्तव के बीच खुलकर टकराव का मामला पूर्व में भी आ चुका है। संभवतः मध्यप्रदेश तो क्या शायद देश के इतिहास में यह पहला मामला है जब एक मंत्री ने अनुच्छेद 13 का उपयोग कर अपर मुख्य सचिव से अधिकार छीन लिए हो।

कार्य विभाजन में मंत्री ने सीएम-सीएस मॉनिट से लेकर बजट, कैबिनेट प्रेसी, समन्वय, योजनाएं, विधानसभा और अदालत संबंधी जैसी तमाम महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग के सचिव मोहंता को सौंप दी है। वहीं अतिरिक्त सचिव को वन नीति, नियम-निर्देश, मैन्युअल, लघु वनोपज संघ, एनवीडीए, वन विकास निगम, बांस मिशन, कैंपा, ईको पर्यटन बोर्ड, जैव विविधता बोर्ड, राज्य वन अनुसंधान संस्थान और स्थापना का जिम्मा सौंपा है। ऐसे ही पदेन सचिव को आरटीआई, जनशिकायत सहित प्रशासकीय कार्य सौंपे हैं।

कहा जा रहा है कि मंत्री ने पौधारोपण घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार सहित वन विभाग के अफसरों के खिलाफ ईओडब्ल्यू को जांच करवाने को लिखा था। यह नोटशीट एसीएस कार्यालय में अटकी हुई थी। इस बात से गुस्साएं मंत्री ने सचिवालय के अफसरों के बीच खुद कार्य विभाजन कर दिया। इसमें एसीएस श्रीवास्तव को सिर्फ मॉनीटरिंग का जिम्मा सौंपा है।

 

 

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