बिग ब्रेकिंग: राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी…कल सुबह तक लागू हो सकता हैं राष्ट्रपति शासन

मुंबई 12 नवंबर 2019.  महाराष्ट्र में सरकार गठन पर जारी सस्पेंस के बीच मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. इससे पहले राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन के लिए अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी थी. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल को एनसीपी ने दोपहर 12:30 बजे चिट्ठी लिखकर अपने पास बहुमत नहीं होने की जानकारी दी थी और 3 दिन का समय मांगा था.

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इसके बाद राज्यपाल ने एनसीपी को दिए शाम 8:30 बजे तक के समय के खत्म होने की प्रतीक्षा किए बिना ही चिट्ठी के आधार पर राज्य में किसी भी दल के सरकार नहीं बना पाने की स्थिति की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी. गृह मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा और उसके बाद केंद्रीय कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई इस बैठक में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने को मंजूरी दे दी गई.

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सुगबुगाहट के बीच उद्धव ठाकरे ने कपिल सिब्बल को फोन किया है। सूत्रों के अनुसार अगर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा तो शिवसेना कोर्ट जाएगी। शिवसेना कोर्ट में इस बात को रखेगी की अगर बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 3 दिन का समय दिया गया था तो उन्हें भी इतना समय क्यों नहीं दिया गया। उद्धव ठाकरे ने इस मामले में कपिल सिब्बल को फोन कर कानूनी राय ली है। वहीं आज महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर जारी उठापटक को लेकर ब्राजील रवाना से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाई है।

किसी भी दल को बहुमत न मिलने के चलते 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में सरकार गठन नहीं हो पाया है. शिवसेना नेताओं ने सोमवार की शाम राज्यपाल से भेंट कर संख्या बल जुटाने के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी थी. लेकिन राज्यपाल ने इसे ठुकरा दिया. इसके बाद अब राज्यपाल ने एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि राज्यपाल एनसीपी को दिए गए समय से पहले राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कैसे कर सकते हैं?

महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने देश के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से फोन पर बात की है. शिवसेना 3 दिन का समय मांग रही है. अगर ऐसा नहीं होता है तो शिवसेना कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. इसी मसले पर ठाकरे ने सिब्बल से बात की है. NCP सुबह 11 बजे अपने विधायकों के साथ बैठक करेगी. बैठक के लिए शरद पवार और सुप्रिया सुले एक साथ निकले, जबकि अजीत पवार दूसरी गाड़ी से निकले. बैठक में जाने से पहले अजीत पवार ने कहा, ”दिल्ली से कांग्रेस का फोन था कि क्या आज दिल्ली में शरद पवार मीटिंग के लिये आ सकते हैं. हमने कहा कि आज विधायकों के साथ बैठक है इसलिए संभव नहीं होगा. लेकिन महाराष्ट्र के कांग्रेस नेताओं से हमने कहा है कि वो मुंबई आएं और हम मीटिंग कर एक कॉमन मिनिमम कार्यक्रम बनाते हैं उन्होंने कहा है आने के लिए देखते हैं.”

24 अक्‍टूबर को विधानसभा चुनाव नतीजे के 19 दिन बाद भी अभी तक कोई दल बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े को राज्‍यपाल के समक्ष पेश नहीं कर पाया. महाराष्‍ट्र की 288 सदस्‍यीय विधानसभा में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. चुनाव पूर्व के भाजपा-शिवसेना गठबंधन को स्‍पष्‍ट जनादेश मिला था. लेकिन शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले की मांग के कारण ये गठबंधन टूट गया. उसके बाद शिवसेना ने एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिशें कीं लेकिन अंतिम समय तक कांग्रेस के समर्थन को लेकर असमंजस में बने रहने के कारण सियासी गतिरोध बना रहा.

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