भूपेश सरकार ने पेड़ों में जगाई जीने की आस, एक मीटर के सर्किल में कंक्रीट या पेवर नहीं, साईन बोर्ड, एडवरटाईजमेंट, बिजली के तार भी लगाए तो खैर नहीं

0 नगरीय प्रशासन डायरेक्टर ने कमिश्नरों, नगरपालिका अधिकारियों को दिया आदेश

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रायपुर, 22 नवंबर 2019। शहरों में कंक्रीटीकरण का शिकार हो रहे पेड़ों को अब भूपेश सरकार के फैसले से जीने की आस जाग गई है। नगरीय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब पेड़ों के एक मीटर के सर्किल में कंक्रीट या पेवर नहीं लगाए जाएंगे। और, अगर लग गए हैं तो उसे उखाड़ा जाए।


नगरीय प्रशासन डायरेक्टर ने नगर निगम कमिश्नरों और नगरपालिका, नगर पंचायत अधिकारियों को लिखे पत्र में दो टूक कहा है कि पेड़ों से सटाकर किए गए कंक्रीट या पेवर को हटाया जाए। यही नहीं, डायरेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि पेड़ों में साईन बोर्ड, एडवरटाईजमेंट बोर्ड या बिजली के तार न लपेटे जाएं। डायरेक्टर ने यह भी ताकीद की है कि भविष्य में पेड़ों के एक मीटर के रेडियस में कोई भी निर्माण कार्य न किया जाए। इसके लिए आदेश में एनजीटी के 2013 और 2019 के आदेश का हवाला दिया गया है।

ज्ञातव्य है, रायपुर के पर्यावरणप्रेमी नीतिन सिंघवी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर एनजीटी के आदेश का राज्य में पालन न होने पर ध्यान दिलाया था। सिंघवी ने राजधानी के आक्सीजोन, गांधी उद्यान समेत कई जगहों के सूख रहे पेड़ों की फोटो भेजी थी। आक्सीजोन में रीठा का बड़ा पेड़ हाल ही में सूखा है। पेड़ से सटाकर कंक्रीटीकरण कर दिया गया। इससे उसे पानी नहीं मिल सका।

बहरहाल, नगरीय प्रशासन के इस निर्णय के बाद अब बड़ी संख्या में पेड़ों के ईर्द-गिर्द पेवर या कंक्रीट को उखाड़ना पड़ेगा। राजधानी रायपुर समेत अमूमन शहरों में नगरीय संस्थाओं के साथ ही पीडब्लूडी ने भी रोड बनाने के दौरान पेड़ों से सटाकर कंक्रीटीकरण या डामरीकरण कर डाले हैं। इससे लगातार पेड़ सूख रहे हैं।

इस बारे में नीतिन सिंघवी ने एनपीजी से बात करते हुए उम्मीद जताई कि नगरीय प्रशासन के इस फैसले से निश्चित तौर पर सौंदर्यीकरण के शिकार हो चुके पेड़ों को जीवनदान मिलेगा। बशर्तें कि इसका क्रियान्वयन ईमानदारी के साथ किया जाए।

 

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