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NHMMI ने आयोजित किया हार्ट फेलियर पर सिम्पोजियम….जर्मनी, बैंगलोर एवं गुरुग्राम से आये विशेषज्ञों ने की हार्ट फेलियर पर चर्चा…

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रायपुर 21 जुलाई 2019।  देश की सबसे बड़ी मल्टीस्पेशलिटी एवं सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल चैंस में से एक नारायणा हेल्थ की रायपुर यूनिट एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा कुछ महीनों पहले ही एक हार्ट फेलियर प्रोग्राम लांच किया गया था ताकि हार्ट फेलियर के मरीजों को अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करायी जा सके. 21 जुलाई को हॉस्पिटल द्वारा हार्ट फेलियर पर ही एक सिम्पोजियम का आयोजन किया गया जिसमें जर्मनी से आये प्रो. डॉ कर्सट्न ने हार्ट फेलियर के ईलाज से जुड़ी नयी पद्धतियों के बारे में चर्चा की.
अगर सामान्य भाषा में कहें तो हार्ट फेलियर का मतलब होता है हृदय का कमजोर होना. अक्सर हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक को एक ही मान लिया जाता है लेकिन ये दोनों बहुत ही अलग होते हैं. हार्ट फेलियर का मतलब है कि हृदय शरीर की आवश्यकता के अनुरूप रक्त प्रवाह नहीं कर पा रहा है जिसके कारण शरीर के अन्य अंगों तक जरूरी ऑक्सीजन नहीं पहुँच पा रही है. जबकि, हार्ट अटैक के मामले में हृदय की मांसपेशियों को ही ठीक प्रकार से ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती हैं जिसके कारण मांसपेशियां मरने लगती हैं. सामान्यतः हार्ट फेलियर, हृदय से जुड़ी किसी अन्य समस्या का नतीजा होता है जैसे कोरोनरी धमनियों में ब्लाक, हार्ट अटैक या हृदय के विद्धुतीय तंत्र में समस्या. हार्ट फेलियर एक गंभीर समस्या है जो कि अधिकांश मामलों में कई सालों तक धीरे-धीरे बढ़ती है लेकिन हृदय को क्षति पहुँचने पर अचानक से भी शुरू हो सकती है.
इस सिम्पोजियम में डॉ विवेक चतुर्वेदी (वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी डायरेक्टर, नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम), डॉ दीपक पद्मनाभन (हृदयरोग एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विशेषज्ञ, नारायणा हेल्थ सिटी, बैंगलोर), डॉ सुमंत शेखर पाढ़ी (हृदयरोग विशेषज्ञ, एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल) एवं डॉ सुनील गौनियाल (हृदयरोग विशेषज्ञ, एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल) ने भी हार्ट फेलियर से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की.
“नवीनतम तकनीकों एवं उपकरणों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल हमेशा से अग्रिणी रहा है. हॉस्पिटल में पहले से ही कई उन्नत तकनीकों जैसे छोटे चीरे से हार्ट सर्जरी, हाइब्रिड रीवैस्कुलराईजेशन, लीडलेस पेसमेकर इम्प्लांट, 3D एवं फीटल इको द्वारा जटिल हृदयरोगों की जाँच एवं ईलाज किया जा रहा है.” एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर श्री विनीत कुमार सैनी ने बताया. “हार्ट फेलियर के मरीजों को अक्सर किसी ना किसी कारण से बार-बार हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ता है जिसके कारण उनकी सामान्य दिनचर्या पर नकारात्मक प्रभाव तो पड़ता ही है साथ ही परिवार पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है. इसीलिए हमने हार्ट फेलियर पर इस सिम्पोजियम का आयोजन किया है जहाँ इससे जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर आकर अपना ज्ञान साझा कर सकें ताकि नवीनतम तकनीकों एवं प्रोटोकॉल्स की मदद से हम ईलाज को और कारगर बना सकें एवं हार्ट फेलियर के मरीजों को बेहतर जीवन दे सकें” उन्होंने कहा.
एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हार्ट फेलियर क्लिनिक का आयोजन प्रत्येक बुधवार को किया जाता है जिसमें हार्ट फेलियर के मरीजों की जाँच एवं ईलाज के लिए विशेषज्ञों का एक पैनल एवं रिहैबिलिटेशन सेवाएं उपलब्ध होती हैं. इस प्रोग्राम के जरिये मरीजों को ईलाज के बाद जल्द से जल्द डिस्चार्ज किया जा सकता है जिससे बेहतर नतीजों के साथ ही ईलाज में लगने वाला खर्च भी कम होता है.
“हार्ट फेलियर के ईलाज के लिए एक हॉस्पिटल में कई तकनीकी सुविधाएँ होना चाहिए जैसे विशेष कार्डियक आईसीयु, आधुनिक कैथलैब, मोड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के साथ एक तत्पर इमरजेंसी विभाग.” हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सकीय अधिकारी डॉ अलोक कुमार स्वाईन ने बताया. “एमआरआई, सीटी स्कैन, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी, 3D इको, स्ट्रेस टेस्ट आदि के द्वारा हार्ट फेलियर की सटीक एवं त्वरित जाँच की जाती है. इसके साथ ही ईलाज के बाद मरीज को अपनी दिनचर्या फिर से शुरू करने के लिए फिजियोथेरेपी, डाइट प्लानिंग एवं काउंसलिंग की आवश्यकता होती है.” उन्होंने बताया.
इन सभी विस्तृत सुविधाओं की मदद से एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कुशल एवं अनुभवी विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ में हार्ट फेलियर के मरीजों को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं.

NHMMI हॉस्पिटल के बारे में…

एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर अगस्त 2011 में तब अस्तित्व में आया जब पहले से स्थापित 56 बेड हॉस्पिटल को अत्याधुनिक उपकरण, सुविधओं, नवीनतम ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सकीय कौशल से संयुक्त 157 बेड क्षमता वाले हॉस्पिटल में रूपान्तरित किया गया।

आज यह हॉस्पिटल 216 बेड की क्षमता के साथ मध्यभारत का अग्रणी चिकित्सकीय संस्थान बन गया है जो हृदयरोग, मष्तिस्क विज्ञान, गुर्दारोग और हड्डीरोग जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एवं उत्कृष्ट सेवाएं दे रहा है।
हॉस्पिटल का लगभग 1.26 लाख वर्ग फुट इमारती क्षेत्र 3 एकड के परिसर में फैला है। रायपुर शहर के सबसे शांत इलाके में बसा यह हॉस्पिटल मरीजों शीघ्र स्वस्थ्यलाभ के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।

नारायणा हेल्थ के बारे में...

चिकित्सा जगत की सारी स्पेशलिटीस के साथ नारायणा हेल्थ भारत का एक जाना-माना नाम बन गया है। सन 2000 में बैंगलोर में 225 बेड क्षमता के पहले हॉस्पिटल के बाद निरंतर प्रगति करते हुए यह संस्थान देश भर में 22 अस्पताल, 7 हार्ट सेंटर और Cayman द्वीप (ब्रिटिश क्षेत्र) में हेल्थ सिटी के साथ एक विस्तृत नेटवर्क के रूप में उभरा है जिसकी कुल बेड क्षमता 5,600 से ज्यादा है।
अधिक जानकारी के लिए: www.narayanahealth.org