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आदिवासी लड़की की शादी का जिम्मा पूरे मोहल्ले ने उठाई…. समाज में दिया अनोखा मेसेज …

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suraj sahu @newpowergame.com

धमतरी 22फरवरी 2018 वैसे तो शादीयो में एक घर मेजबान होता है… बाकी सब मेहमान लेकिन धमतरी में एक गरीब आदिवासी लड़की की शादी का खर्च और सारी जिम्मेदारी पूरे मोहल्ले ने उठाई……सिवाए बारातीयो के यहां सभी मेजबान थे… सामाजिक सरोकार निभाने का ये अनोखा उदाहरण शहर के लालबगीचा वार्ड में देखने को मिला….. जहा बारातियों के स्वागत मे पूरे मोहल्ले खड़ा हो गए … और बड़े ही धूमधाम से बाचे-गाजे के साथ स्वागत किया ……दरअसल. धमतरी के लाल बगीचा वार्ड में ज्यादातर गरीब और मजदूर वर्ग के लोग रहते है… यही बहुत साधारण तरीके से कच्चे माकन में संतोष धुव रहता है जो की की एक वेल्डिंग दुकान में काम करता है और कर के अपने घर का खर्च चलाता है…. परिवार में मां.. पत्नी.. दो बेटीयां और एक बेटा है …..जब छोटी बेटी की उम्र शादी की हो गई तब.. इस आदिवासी परिवार की चिंताए बढ़ गईं…… बेटी मधु की शादी आमदी गांव के राकेश मंडावी के साथ तय भी हो गई …… लेकिन अब शादी की जिम्मेदारी सामने खड़ी हो गई……. तब इस आदिवासी परिवार ने मेहमानो को ठहरवाने के लिये मोहल्ले के नवदुर्गा उत्सव समिती से जगह की मदद मांगी… संतोष की समस्या सुनने के बाद समिती ने इस परिवार की पूरी मदद करने का फैसला किया… और समिती के सदस्यो ने बेहतर से बेहतर इंतजाम करने के लिये आपसी मद्दत भी की …. लोगो से मदद ली और सारे इंतजाम करने के लिये हर परिवार से महिला और युवको को काम सौंपा…… इस तरह से इस गरीब परिवार की शादी में सारा मोहल्ला ही मेजबान बन गया… वो सारे इंतजाम किये गए ….. जिसका खर्च दुल्हन का पिता शायद कभी नहीं उठा पाता…

बारात आई तो शानदार स्वागत किया गया…. जिससे दुल्हा और बाराती भी गदगद हो गए….. इस तरह से एक गरीब लड़की की शादी इस मोहल्ले के लिये यादगार बन गई……. मोहल्ले के नवदुर्गा उत्सव समिती के अध्यक्ष…… धनश्याम कामडे,प्रमोद यादव,सुरेश सपहा,महेश मानिकपुरी ने कहा कि अगर किसी और गरीब परिवार को मदद की जरूरत पड़ेगी तो वो फिर से इसी तरह सामने आ जाएंगे….. संतोष धुव के परिवार ने भी इसे मां दुर्गा का आशीर्वाद माना और इस परिवार की खुशीयो का कोई ठिकाना नहीं है ….बहरहाल. ये शादी सिर्फ गरीब परिवार की मदद की मिसाल नहीं है…. बल्कि सामाजिक तानेबाने में किस तरह से मिठास और मजबूती लाई जा सकती है… ये भी सीख मिलती है… वैसे तो सरकार की तरफ से भी गरीबो की शादी करवाई जाती है….. लेकिन अगर ये पहल समाजिक स्तर पर होने लगे तो एक स्वाभाविक समाज कल्याण होगा…….

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