Home राजनीति सरकारी स्कूलों के टीचर अब नहीं पढ़ा सकेंगे ट्यूशन….. राज्य सरकार ने...

सरकारी स्कूलों के टीचर अब नहीं पढ़ा सकेंगे ट्यूशन….. राज्य सरकार ने जारी किया आदेश… MP सरकार के आदेश से खलबली…DEO ने शुरू की छापेमार कार्रवाई, कई रंगे हाथ पकड़ाये

0

भोपाल 15 जून 2019। सरकारी स्कूलों के टीचर अब ट्यूशन नहीं पढ़ा सकेंगे। विभाग ने इस पर रोक लगाते हुए सरकारी शिक्षकों के कोचिंग सेंटर पर भी जाने पर रोक लगा दी है। इस बारे में आदेश लोक शिक्षण विभाग ने शुक्रवार को जारी किया है। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब न तो कोचिंग में पढ़ा सकेंगे और न ही ट्यूशन दे सकेंगे।लोक शिक्षण संचालनालय से जारी आदेश के अनुसार शिक्षकों को 25 जून तक इसके लिए हलफनामा देना होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि राज्य शासन ने यह निर्णय सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर लिया है, जिसमें कहा गया था कि शिक्षक बच्चों पर कोचिंग के लिए दबाव बनाते हैं। अतिथि शिक्षकों को इस प्रतिबंध से दूर रखा गया है। हाल ही में दसवीं और बारहवीं के कई जिलों में खराब प्रदर्शन के बाद मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब सरकारी स्कूल के शिक्षक बच्चों को ट्यूशन या कोचिंग नहीं ले पाएंगे।

बता दें कि इस वर्ष मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के रिजल्ट में कई जिलों के प्रदर्शन काफी खराब रहे हैं। ऐसे में कार्यरत शिक्षकों से सरकार अब सख्ती बरतने के मूड में है। सरकार ने यह  तय किया था कि जिन जिलों के रिजल्ट खराब हुए हैं, वहां के शिक्षकों की अब परीक्षा लेगी। अगर उसमें फेल हुए तो उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत प्राप्त हुई है कि शासकीय स्कूलों के शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य सही ढंग से नहीं किया जाता है, साथ ही विद्यार्थियों को कोचिंग के लिए बाध्य किया जाता है। विभाग द्वारा स्कूल निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक शाला से गायब रहकर कोचिंग पढ़ाते हैं।

श्योपर में शिक्षकों पर गिरी गाज

श्योपुर में शिक्षा विभाग के साथ चलकर जगह जगह उन शिक्षकों को तलाश रही है जो शासकीय हैं और प्राइवेट कोचिंग दे रहे हैं। ऐसे ही मामला गुलमोहर कॉलोनी के पास का आया है जहां संतोष शर्मा नाम के साथ की शिक्षक जो कि हजारेश्वर स्कूल में पदस्थ हैं वो अपने घर पर दर्जनों बच्चों को प्राइवेट कोचिंग दे रहे थे मौके पर ही एनएसयूआई कार्यकर्ता और जिला शिक्षा अधिकारी पहुंचे और उस शासकीय शिक्षक को रंगे हाथों पकड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल में एक नोटिस देकर जवाब मांगा और सस्पेंड करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी ।