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आयुष्मान ई-कार्ड बनाने जारी है बेहतर व्यवस्था…निशुल्क बनता है आयुष्मान भारत ई-कार्ड…हेल्थ विभाग में दूर की जा रही है दिक्कत

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बाॅयोमैट्रिक लाॅग-इन किया जाएगा अनिवार्य

रायपुर 14 जून 2019 – पूरी तरह से निशुल्क आयुष्मान भारत के कार्ड को ई-कार्ड बनाने के नाम पर हितग्राहियों से रकम लिये जाने की शिकायत अलग-अलग जिलो से आ रही है। इसको देखते हुए अब आयुष्मान मित्रो को बाॅयोमैट्रिक के माध्यम से साॅफ्टवेयर से लाॅग-इन कराए जाने के प्रयास शुरू हो गए है। इसके लिए संचालक, स्वास्थ्य सेवायें सुश्री शिखा राजपूत तिवारी ने भारत सरकार से पत्राचार भी किया है, साथ ही पूर्व में आई शिकायतों के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी उनके द्वारा की गई है।
राज्य में पूर्व में बने स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि से आयुष्मान योजना का ई-कार्ड बनाए जाने का काम जारी है। इसके लिए प्रदेश भर में कार्यरत् आयुष्मान मित्रो को जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में ई-कार्ड बनाने का कार्य आयुष्मान मित्रो के मोबाईल नंबर पर आने वाले ओ.टी.पी. से होता है। इस संबंध में आ रही शिकायतो के पीछे मुख्य कारण भी यही बताया जा रहा है।
संचालक, स्वास्थ्य सेवायें सुश्री तिवारी जी ने इस शिकायत पर पूरी गंभीरता से अपना ध्यान केन्द्रित किया है। ऐसी शिकायतो के खिलाफ कार्यवाही करते हुए आगे ऐसी स्थिति न बने और आयुष्मान कार्डधारियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी है। आयुष्मान मित्रो के मोबाईल नंबर में आने वाले ओ.टी.पी. की व्यवस्था को बदलकर अब बाॅयोमैट्रिक सिस्टम के जरिए आयुष्मान कार्डधारियों के ई-कार्ड बनायेंगे।
च्वाईस सेंटर, व्यक्ति या संस्था अधिकृत नहीं
योजनांतर्गत् पंजीकृत समस्त 692 शासकीय व 573 निजी चिकित्सालयों तथा 211 निर्धारित
किओस्क केन्द्रों मे नियुक्त आयुष्मान मित्र द्वारा निशुल्क आयुष्मान भारत का ई-कार्ड बनाया जा रहा
है। राज्य में च्वाईस सेंटरो को इस कार्य हेतु अधिकृत नहीं किया गया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था
पैसे लेकर ई-कार्ड नहीं बना सकता है। यदि ई-कार्ड बनाने के नाम पर कोई रकम की मांग करता है,
तो उसके खिलाफ टोल फ्री नंबर 104 में शिकायत की जा सकती है।
क्या है ई-कार्ड
स्मार्ट कार्ड की जगह अब केन्द्र सरकार के निर्देश पर ई-कार्ड बनाये जा रहे है। पूर्व में स्मार्ट कार्ड पंच कर इस योजना का लाभ लिया जा सकता था। आयुष्मान भारत लागू होने के बाद केन्द्र सरकार के निर्देश पर ही ई-कार्ड बनाए जा रहे है। केन्द्र सरकार द्वारा दिये गये साॅफ्टवेयर में यही ई-कार्ड काम करता है। इसके चलते सभी हितग्राहियों के लिए ई-कार्ड बनवाना अनिवार्य है। जिसके माध्यम से वे जरूरत पड़ने पर किसी भी अनुबंधित अस्पताल में कभी भी उपचार लाभ ले सकते है।