Home कॉरपोरेट बैलाडीला आंदोलन से NMDC और रेलवे को 250 करोड़ का नुकसान, कल...

बैलाडीला आंदोलन से NMDC और रेलवे को 250 करोड़ का नुकसान, कल आंदोलन खतम नहीं होने पर सरकार कर सकती है सख्ती

0
????????????????????????????????????

दंतेवाड़ा, 11 जून 2019। बैलाडीला लौह अयस्क खनन इलाके में आदिवासियों की चल रही हड़ताल से एनएमडीसी और रेलवे को हफ्ते भर में ढाई सौ करोड़ रुपए नुकसान होने की खबर है। रेलवे को प्रतिदिन माल ढुलाई से करीब सात करोड़ रुपए का मुनाफा होता है। यही नहीं, राज्य को मिलने वाली रायल्टी भी इससे प्रभावित हुई है।
हालांकि, राज्य सरकार ने आज हस्तक्षेप करते हुए हड़ताल को खतम कराने के लिए आंदोलनकारियों के प़क्ष में कई घोषणाएं की। इनमें एक ग्राम सभा के प्रस्ताव की जांच भी है। सीएम की घोषणा के बाद दंतेवाड़ा के कलेक्टर टीपी वर्मा ने फौरन जांच कमेटी बनाकर एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। ताकि, हड़ताल समाप्त हो जाए। मगर हड़ताली चाहते हैं कि जांच तीन दिन में की जाए। जबकि, प्रशासन इसके लिए कम-से-कम 15 दिन का वक्त मांग रहा है। क्योंकि, पांच साल पुरानी ग्राम सभा के रिकार्ड खंगालने में समय लगेगा। सीनियर अफसरों ने उम्मीद व्यक्त की है कि कल सुबह तक आंदोलन समाप्त हो जाना चाहिए। अगर अब आंदोलन समाप्त नहीं हुआ तो जिला प्रशासन सख्ती बरत सकता है। वैसे भी, अब अधिकांश लोग धरना स्थल से लौट चुके हैं।
ज्ञातव्य है, एनएमडीसी और राज्य सरकार की स्टेट माईनिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन का ज्वाइंट वेंचर एनसीएल ने बैलाडीला के डिपोजिट 13 में खुदाई का कार्य अदानी ग्रुप को दिया था। इसमें एनएमडीसी को 51 और एसएमडीसी का 49 परसेंट शेयर है। मगर दंतेवाड़ा इलाके के लोग नंदीराज पहाड़ी पर खुदाई का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, दंतेवाड़ा और चित्रकोट में विधानसभा के उपचुनाव को देखते इसमें राजनीतिक रोटियां भी सेंकने की कोशिशें हो रही हैं। विभिन्न नेताओं द्वारा विरोध की आड़ में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। अपुष्ट खबर ये भी है कि आंदोलन को तेज करने में माओवादियों की भी रुचि है।
उधर, दंतेवाड़ा के डिपाजिट 13 के संबंध में आज मंत्रालय में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम के नेतृत्व में बस्तर से आए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान बस्तर के अन्य विधायक भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना और कहा कि इस मामलें में राज्य शासन की जो भूमिका है, उसे निभाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य शासन के वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल के द्वारा इस क्षेत्र में अवैध रूप से वनों की कटाई की शिकायत की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह प्रभावित क्षेत्र में वन कटाई का कार्य तत्काल रोका जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में परियोजना से संबंधित संचालित कार्यो पर भी रोक लगाई जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि खदान हस्तानांतरण आदि प्रक्रिया में ‘पंचायत स्तर पर विस्तार का कानून अधिनियम 1996 (पेसा)‘ के तहत वर्ष 2014 में कराए गए ग्राम सभा का पालन नहीं किया गया तथा फर्जी रूप से ग्राम सभा आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि फर्जी ग्राम सभा के आरोप की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की मांग पर कहा कि संबंधित विषयों पर भारत सरकार द्वारा पत्राचार किया जाएगा और जनभावना की भी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया की राज्य शासन अपने क्षेत्राधिकार की कार्रवाई करेगा लेकिन खदान पर आधिपत्य एवं स्वामित्व NCL का है और उन्हें ही खदान के संबंध में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार है।