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नसबंदी का आपरेशन करने नर्स बन गयी खुद ही डाक्टर…. महिला की मौत…चार बच्चे हो गये यतीम…. परिजनों ने कराया FIR दर्ज

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सुनील साहू @newpowergame.com

बलौदाबाजार 25 मई 2019। डाक्टर बनी एक नर्स ने नसबंदी आपरेशन कर चार बच्चों को यतीम बना दिया। परिवार का संगीन आरोप है कि नर्स ने अपने घर में महिला का आपरेशन कर दिया, जहां ना तो ओटी की सुविधा थी और ना ही आपरेशन का कोई संसाधन था।  मामला बलौदा बाजार जिले के पलारी ब्लॉक के गुमा गांव का है जहां अपने मायके आयी पूर्णिमा पाल घरवालो के कहने पर नसबंदी कराने बलौदाबाजार के रहने वाली एनएम नर्स डालेश्वरी यदु के निजी घर जा पहुँची।  नर्स ने अपने घर मे ही बलौदाबाजार के रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी के मदद से मृतिका पूर्णिमा का बिना जांच किये सीधे नसबंदी कर दिया यह तक करीब 3 घंटे में ही उसकी छुट्टी भी कर दी गयी । जिसके 3 दिन बाद पूर्णिमा की मौत हो गयी।

पूर्णिमा नसबंदी कराने नर्स डालेश्वरी के पास गई थी, जो निजी प्रेक्टिशनरऔर बलौदा बाजार के रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी की मदद से अपने घर पर ही यह काम करती है। 20 मई को 10 बजे शासकीय अस्पताल खैंदा की नर्स डागेश्वरी यदु से पूर्णिमा ने संपर्क किया था। नर्स डालेश्वरी ने 7 हजार रुपये लेकर नसबंदी की बात कही। दो घंटे बाद 12 बजे पूर्णिमा की नसबंदी निजी प्रेक्टिशनर डॉ. प्रमोद तिवारी की मदद से अपने घर पर ही करा दी और शाम 5 बजे छुट्टी भी दे दी।

22 तारीख को अचानक पूर्णिमा की तबीयत खराब हो गई, जिसे रात 8 बजे लेकर घर वाले फिर नर्स
डागेश्वरी के घर पहुंचे। नर्स ने डॉ. तिवारी से फोन पर सलाह लेकर एक दिन घर पर ही इलाज किया और 23 तारीख को डेढ़ बजे डिस्चार्ज कर दिया। इस बार दोनों ने पीड़िता से 3 हजार रुपए फिर ले लिये। उसी दिन रात को पूर्णिमा की फिर तबीयत खराब हुई तो उसे रायपुर रेफर कर दिया। जहां पूर्णिमा की मौत हो गयी। परिजनों ने इसकी रिपोर्ट सिविल लाइंस थाने रायपुर में दर्ज कराई है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।