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शिक्षा मंत्री के OSD का कारनामा : खास कंपनी से करोड़ों की खरीदी का स्कूलों को दे डाला फरमान…..DEO बोले- “क्या करूं, ओएसडी बोले हैं, तो करवा रहे हैं खरीदी”

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जशपुर 20 अप्रैल 2019। रमन सरकार में मंत्रियों के ओएसडी और सेकरेट्री के कारनामे तो मशहूर थे ही अब भूपेश सरकार के मंत्रियों के ओएसडी को भी वही रोग लग गया है। ताजा मामला शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह का है, जिनके ओएसडी राजेश सिंह का एक कारनाम छत्तीसगढ़ में खूब चर्चा में है। महाशय ने जशपुर के डीईओ को फरमान सुनाया है कि वो सरकारी स्कूलों में करोड़ों के समान की सप्लाई करवायें। राजेश सिंह की हिमाकत का इसी बात से अहसास होता है कि उन्होंने इसके लिए बकायदा मेसर्स रितेश पांडे नाम की एक कंपनी का नाम भी दिया है। मतलब ओएसडी ने आदेश के साथ ये भी निर्देश दिया है कि वो रितेश पांडे की कंपनी से ही समानों की खरीदी करवायें।

डीईओ को मौखिक खरीदी का आदेश और वो भी एक कंपनी विशेष का नाम देकर….समझा जा सकता है कि इस पूरे मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। घोटाले का अहसास डीईओ को भी है, लेकिन मामला मंत्री के ओएसडी से जुड़ा है, लिहाजा डीईओ चू तक नहीं कर पाये और सीधे सभी स्कूलों को समान खरीदी का फरमान जारी कर दिया, ये समझे-जाने बगैर कि जो हो रहा है कि वो नियमों के मुताबिक गलत हो सकता है। तभी तो NPG से बातचीत में डीईओ ने कहा

” देखिये अब मंत्रीजी के ओएसडी बोले हैं, तो हम करवा रहे हैं, हम क्या करें, बोले थे तो हो रही है खरीदी, हम इसमे क्या करें, आदेश ऊपर से आया है ना”

ओएसडी राजेश सिंह का फरमान और डीईओ बीएल ध्रुव का चुपचाप उस पर अमल करोड़ों के घोटाले की तरफ इशारा कर रहा है, लेकिन मामला मंत्री से जुड़ा है, लिहाजा कोई खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। एनपीजी से बातचीत में डीईओ ने कहा कि क्रय आदेश जिले के सभी स्कूलों में भेजा गया है। जिसमें 5 समानों के क्रय का आदेश दिया गया है। व्हाईट बोर्ड व ग्रीन बोर्ड की सप्लाई के अलावे, स्वच्छता कीट, LED बल्ब और एजुकेशन किट की सप्लाई करने के आदेश दिया गया है।

हालांकि इसका भुगतान कैसे और किस मद से किया जायेगा, इसकी कोई जानकारी वो नहीं दे पा रहे हैं। NPG ने इस मामले में डीईओ बीएल ध्रुव से सीधी बात की….उन्होंने कहा कि

“देखिये, हमको इस मामले में शिक्षा मंत्री के यहां से फोन आया था, ओएसडी राजेश सिंह का, उन्होंने कहा कि ये समान सप्लाई करवाना है, इससे ज्यादा हम कुछ और नहीं बता सकते हैं, मेरा कोई दुकान तो है नहीं और ना कोई निजी हित इसमें है, जो आदेश है उसका पालन करवा रहे हैं”

इस पूरे मामले में पेंच ये है कि जो सप्लाई का आदेश जारी हुआ है, उसमें सप्लाई करने वाली कंपनी का नाम मेसर्स रितेश पांडे लिखा गया है, मतलब ये निर्देश दिया गया है कि रितेश पांडेय ही समान की सप्लाई करेगा। अमूमन जिला स्तर पर खरीदी के लिए किसी तरह की बाध्यता नहीं होती है, लेकिन जशपुर में समान की सप्लाई अब नये विवाद की तरफ इशारा कर रहा है।

अब जबकि इस पूरे मसले पर शिक्षा मंत्री के ओएसडी का नाम सामने आ रहा है, तो विवाद को तूल पकड़ना लाजिमी है। फिलहाल स्कूलों में इस आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।