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क्रमोन्नति को लेकर कलह जारी….जाकेश साहू ने संजय शर्मा पर फिल्मी गाने के अंदाज़ में साधा निशाना….खुले मंच पर दी बहस की चुनौती…लगाए ये गंभीर आरोप

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रायपुर” :- संजय शर्मा के संगठन द्वारा क्रमोन्नति/समयमान के लिए फार्म भराएँ जाने के विरोध करने पर संजय शर्मा द्वारा जाकेश साहू पर पलटवार करते हुए वीभिन्न आरोप लगाए गए थे जिस पर आज जाकेश साहू ने एक बार फिर संजय शर्मा व उनके संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए, उन्हें प्रदेश के किसी भी जिले व ब्लाक में किसी भी खुलें मंच पर, शिक्षाकर्मीयो की हर समस्याओं व प्रत्येक मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी है।
जाकेश साहू ने कहा कि “राम चन्द्र कह गए शिया से, जैसे कलयुग आएगा। हंस चुगेगा दाना तिनका, कौआ मोती खाएगा।। आज ये बात सत प्रतिशत चरितार्थ हो रहा है, हंस रूपी मेहनतकश और ईमानदार वर्ग 03 का शिक्षक प्राथमिक शालाओ में खूब मेहनत करते हुए बच्चों को अध्ययन अध्यापन करा रहा है, छोटे बच्चों को पढ़ा लिखाकर नींव तैयार कर रहा है।जिसके पास सम्पूर्ण योग्यता होते हुए भी उन्हें प्रत्येक माह 12 से 22 हजार तक का बड़ा भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि वंही दूसरी ओर संजय शर्मा जैसे शिक्षाकर्मियों के तथाकथित नेता प्रदेश के आम भोले-भाले और सीधे-साधे वर्ग 03 के शिक्षाकर्मी साथियों को कभी लक्ष्य क्रमोन्नति, मिशन संविलियन तो कभी क्रमोन्नति/समयमान दिलाने के आड़ में बार-बार फार्म भराकर लाखो का वारा न्यारा कर रहा है। एक बार फिर फार्म भराकर क्रमोन्नति/समयमान का लाभ दिलाने का झांसा देकर, अपने मृत संगठन को पुर्नजीवित करने का असफल प्रयास किया जा रहा है।
इनके संगठन के पदाधिकारी लोग विगत 19 सालों से कई कार्यालयों सहित वीभिन्न विभागों के दफ्तरों में व्यवस्था के तहत संलग्न होकर खूब मलाई खा रहे है जबकि आम सीधे-साधे शिक्षाकर्मी साथी ईमानदारी से स्कूलों में मेहनत कर रहे है। इस प्रकार हंस की भांति ईमानदार लोग दाना तिनका चुग रहे है जबकि कौव्वे की भांति चतुर लोग मोती चुग रहे है।
जाकेश साहू ने कहा कि खुशी के अवसर पर नाचना, व दुख के समय रोना मनुष्य का स्वाभाविक व प्राकृतिक गुण है।। देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दुख के कई अवसरों पर रोते हुए देखे गए है क्योंकि मोदी जी भी एक भावुक व्यक्ति है। ऐसे में क्या कोई व्यक्ति, प्रधानमंत्री मोदी जी के भावुक पलों में रोने व खुसी के वक्त पर हंसने, पर भी प्रश्न उठाएगा क्या ..???????
जाकेश साहू ने संजय शर्मा द्वारा उनको सरकारी दलाल कहे जाने के सवाल पर करारा जवाब देते हुए कहा कि संजय शर्मा खुद पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार का चापलूस व दलाल था तभी तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश बन्द को फ्लॉप करने के लिए आधी रात को हड़ताल वापसी का एलान किया था। और विधानसभा चुनाव के पहले अपने संगठन के गुर्गों से हर जिलो व ब्लाकों में रमन सरकार के विधायकों व मंत्रियों का सम्मान समारोह रखा गया था।
फेडरेशन प्रदेश के 1,09,000 वर्ग 03 के शिक्षाकर्मियों का संगठन है जो विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्ववर्ती रमन सरकार से लड़ाई लड़ी और मांगे पूरी नहीं होने पर अपने लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकार के तहत मतदान के अधिकार का समुचित उपयोग करते हुए सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। साथ ही राज्य की नई भूपेश सरकार से वादा याद दिलाने हेतु राजधानी में बड़े स्तर पर वादा निभाओ रैली भी किया। फेडरेशन एक कर्मचारी संगठन है जो निष्पक्ष है तथा अपनी मांगों को लेकर सजग है। हमारी सबसे बड़ी जीत यही है कि हमारे मांगो को पूरा नहीं करने वाली रमन सरकार आज राज्य की सत्ता से बाहर है जबकि हमारी मांगो को अपने जनघोषणा पत्र में शामिल करने वाली पार्टी आज सत्ता में है। लोकसभा चुनाव के बाद आगामी समय मे सरकार हमारी मांगो को पूरा करेगी और यदि हमारी मांगो पर विचार नहीं किया गया तो फेडरेशन आगामी समय मे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जाकेश साहू ने कहा कि संजय शर्मा उनके बारे में अनर्गल बाते बोलने से बाज आए वरना प्रदेश का 1,09,000 वर्ग 03 संजय शर्मा को समय आने पर करारा जवाब देगें। जो आदमी विगत 19 सालों से एक संगठन को अपनी जागीर समझकर प्रांताध्यक्ष पद पर फ्रेविकोल से चिपका हुआ है वो हमें संगठन के नीयमो की सिख न दें।