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शिक्षक सुरेंद्र के सस्पेंशन व गिरफ्तारी पर निर्वाचन आयोग को कलेक्टर ने भेजी रिपोर्ट… NPG से कलेक्टर बोले- “बहुत समझाने की कोशिश हुई, पर बार-बार चुनाव की ट्रेनिंग कर रहा था बाधित”..आखिर क्या हुआ था उस दौरान, NPG को बताया कलेक्टर संदीपन ने…

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कोरिया 14 मार्च 2019। कोरिया में शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल की जमानत का निर्देश कलेक्टर ने SDM को दे दिया है। 13 मार्च को शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल को तीन अलग-अलग धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोप था कि सुरेंद्र जायसवाल ने कलेक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया और शासकीय कामों में रूकावट पैदा की। आखिर ऐसा क्या हुआ था सेंट जोसफ स्कूल में जिसकी वजह से शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल पर कलेक्टर भोसकर विलास संदीपन इस कदर नाराज हुए कि ना सिर्फ उसे सस्पेंड करने का आदेश दिया… बल्कि उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के भी निर्देश दे दिये।

इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर के खिलाफ जहां शिक्षक संगठनों ने भी मोर्चा खोला था…तो वहीं चुनाव आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी थी। गुरुवार की शाम कलेक्टर संदीपन ने 13 मार्च को हुए पूरा घटनाक्रम की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी। इधर इन पूरे पहलुओं पर कलेक्टर पर आरोप लग रहे थे, लेकिन मामले में अभी तक कलेक्टर भोसकर विलास संदीपन का पक्ष नहीं आया था, लिहाजा NPG ने कलेक्टर संदीपन से सीधी बात की। NPG ने ये जानना चाहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बन गयी थी, जिसके बाद उन्हें इतना सख्त फैसला लेना पड़ा।

कलेक्टर संदीपन ने साफ कहा कि इस पूरे मामले में निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेज दी गयी है, इसलिए जानकारी साझा करना सही नहीं होगा। हालांकि साथ ही एसडीएम को जमानत के लिए निर्देशित किया गया है। लेकिन उन्होंने इस बात को रेखांकित कर कहा कि निर्वाचन जैसे अतिआवश्यक सेवाओँ को शिक्षक बार-बार बाधित कर रहा था। मैने उसे आश्वस्त किया भी था कि उनकी पूरी सुनी जायेगी, लेकिन अभी ट्रेनिंग का काम होने दें…लेकिन वो अपनी बातों पर अड़ा रहा। कलेक्टर ने NPG से कल हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की…उन्होंने कहा कि

13,14 और 15 मार्च को जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से चुनाव की ट्रेनिंग आयोजित की गयी थी। 13 तारीख को शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में सुबह 8-9 बजे से ही मैसेज वायरल करना शुरू कर दिया कि हमें ट्रेनिंग का बहिष्कार करना है, ट्रेनिंग के दौरान सभी शिक्षक को बाहर आ जाना है और उसका विरोध करना है। जिस शिक्षक सुरेंद्र पर कार्रवाई हुई है, कल ना तो उसकी ट्रेनिंग थी और ना ही उसे बुलाया गया था, बावजूद वो शिक्षक बैंकुंठपुर के सेंट जोसफ स्कूल में पहुंच गया। उस वक्त ट्रेनिंग शुरू हो गयी थी, ट्रेनिंग के लिए हमने 15 कमरे बनवाये थे, वो टीचर सभी 15 कमरों में जाकर ट्रेनिंग को बाधित करने और जो शिक्षक ट्रेनर थे, उन्हें कमरे से बाहर निकलवा कर विरोध करवाने की कोशिश करन लगा। लेकिन जब कोई शिक्षक बाहर कमरे से नहीं आये, तो वो मेरे पास आ गया। मैं उस वक्त व्यस्त था, बावजूद मेरे सामने आकर वो बार-बार मुझे अपनी मांगों को लेकर कहने लगा। मुझे शिक्षकों की समस्या की जानकारी थी, कि फंड सेंशन होने के बावजूद भी शिक्षाकर्मियों को वेतन नहीं मिला है, इसलिए मैंने उसे समझाया कि ट्रेनिंग के बाद मुझसे मिलकर अपनी बातें कह देना, लेकिन वो बार-बार मुझे बाहर आने के लिए कह रहा था और अभी ही बात कहने के लिए अड़ गया, कई अधिकारियों ने भी उसे समझाया, लेकिन वो मान ही नहीं रहा था। ट्रेनिंग बाधित बार-बार कर रहा था। निर्वाचन का कार्य अति आवश्यक सेवा है, वो बार-बार बाधित किया जा रहा था, इसलिए निर्वाचन पदाधिकारी के पदत्त अधिकार के तहत मैंने उस पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया”