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सुरेन्द्र जायसवाल के समर्थन में अब शालेय शिक्षक संघ भी आया सामने……विरेंद्र दुबे बोले – “वेतन ही तो मांगा था, इसके लिए निलंबन और गिरफ्तारी क्या जरूरी है”

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रायपुर 14 मार्च 2019। शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल की गिरफ्तारी और निलंबन को लेकर शिक्षक संगठन एकजुट होते नजर आ रहे हैं। पंचायत एवं नगरीय निकाय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल की बुधवार को हुई गिरफ्तारी के बाद ना सिर्फ पंचायत एवं नगरीय निकाय शिक्षक संघ ने विरोध जताया है, बल्कि संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ और शालेय शिक्षक संघ भी सुरेंद्र जायसवाल के समर्थन में डटकर खड़ा हो गया है। शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने प्रेस को बयान जारी कर पूरी घटना की तीव्र निंदा की है और साथ ही तत्काल गिरफ्तार शिक्षक की रिहाई की मांग की है। वीरेंद्र दुबे ने कहा है कि शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल ने वेतन को लेकर जायज मांग कलेक्टर के सामने रखी थी, ऐसे में उन्हें निलम्बित कर देना। साथ ही बिना किसी अपराध के जेल में डालकर दिया गया।

उन्होंने कहा है कि यदि कोई शिक्षक अपने वेतन नही मिलने की जानकारी अपने जिलाधीश को देता है तो तुरन्त वेतन प्रदान करने के निर्देश सक्षम अधिकारी को देने के बजाय उस शिक्षक को ही निलंबित कर दिया गया जो पहले से आर्थिक, सामाजिक कष्ट को झेल रहा था। निलबंन के साथ ही जेल में डाल देना यह कहाँ की न्याय व्यवस्था है ?? शालेय शिक्षाकर्मी संघ ऐसी कार्यवाही का कड़े शब्दों में निंदा करता है।

चूंकि वर्तमान समय मे प्रदेश के सभी कर्मचारी चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति में है इसलिए शालेय शिक्षाकर्मी संघ प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी श्री सुब्रत साहू जी से जल्द ही भेंट कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा, साथ ही हमारे निलंबित साथी के ऊपर की गई कार्यवाही को निशर्त वापस लेने के लिए उनसे निवेदन किया जाएगा, साथ ही चुनाव पूर्व लंबित वेतन का भुगतान करवाने की व्यवस्था की जाए ऐसी पहल हो इसका मांग किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।

शालेय शिक्षाकर्मी संघ कोरिया के जिला पदाधिकारी पीड़ित शिक्षक साथी को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है.. शालेय शिक्षाकर्मी संघ सुरेंद्र जायसवाल जी का पूरा समर्थन करती है।यदि जल्द ही इस मामले का पटाक्षेप नही किया गया तो प्रदेश के सभी शिक्षक संगठन मिलकर आगे की रणनीति बनाने के लिए मजबूर होंगे।