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90 हजार की बाइक से 9 दिन में 9 लाख के लूटेरों तक पहुंची पुलिस: 5 मार्च को कैशियर से हुई लूट में था अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ… गिरफ्तार 3 लूटेरों से लूटी गयी रकम भी हुई बरामद… इस तरह हुआ लूट की वारदात का खुलासा

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भिलाई 14 मार्च 2019। दुर्ग पुलिस ने 9 दिन के भीतर ही 9 लाख की लूट का खुलासा कर दिया। 5 मार्च की दोपहर प्राइवेट कंपनी के कैशियर से हुई लूट में अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ है। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से 3 लूटेरों को गिरफ्तार किया है, जबकि अब अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है। कमाल की बात ये है कि 9 दिन में 9 लाख के लूटरों तक “90 हजार रुपये की बाइक” की मदद से पहुंची। इस मामले में डीजीपी डीएम अवस्थी ने दुर्ग पुलिस की पीठ थपथपायी है, साथ ही 2 लाख रुपये के इनाम का भी ऐलान किया है।

आज रायपुर आईजी हिमांशु गुप्ता, डीआईजी रतनलाल डांगी, रायपुर SSP आरिफ शेख, दुर्ग एसपी प्रखर पांडेय सहित कई अन्य पुलिस अफसरों की मौजूगगी में पूरी लूट की वारदात का खुलासा किया गया । दरअसल 5 मार्च की दोपहर पावर हाउस के जलेबी चौक पर कैशियर आशीष वर्मा से उस वक्त कट्टे की नोक पर लूट हो गयी थी, जब वो बैग में रकम लेकर बैंक में जमा कराने जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार लूटेरों ने पहले तो आशीष को बाइक से धक्का मारकर गिरा दिया और फिर 3 राउंड फायर कर रूपये से भरा बैक लेकर फरार हो गये।

इस घटना के बाद आईजी हिमांशु गुप्ता, डीआईजी रतनलाल डांगी –एसपी प्रखर पांडेय सहित तमाम शीर्ष अफसर मौके पर पहुंचे, लेकिन मौके पर खाली खोखे को छोड़कर दूसरा कोई सुराग नहीं दिख पा रहा था। इस घटना को लेकर आईजी हिमांशु गुप्ता ने लूटेरों का सुराग बताने वालों को 50 हजार रुपये के इनाम का भी ऐलान किया था। दौरान आईजी के निर्देश पर एसपी प्रखर पांडेय ने पुलिस अफसरों की अलग-अलग टीम तैयार की और अलग-अलग ऐंगल पर जांच शुरू करायी। इस दौरान पुलिस को घटनास्थल पर बाइक की मौजूदगी की सबूत मिले, घटनास्थल पर टायर के निशान ने भी दावा मजबूत किया कि आरोपी बाइक पर सवार थे।

पड़ताल के दौरान पुलिस ने दुर्ग और आसपास हुई कई लूट के तार से भी जोड़कर पूरे घटना की जांच शुरू की। वहीं सीसीटीवी की मदद से बाइक की भी तलाश शुरू हुई। सीसीटीवी में बाइक के सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस को इस बात का अहसास हो गया कि इस पूरे घटना में बाहरी गिरोह का हाथ है, लेकिन दुर्ग में इसके तार जुड़े रहने से भी इंकार नहीं किया गया। लिहाजा बिहार, झारंखंड, यूपी, महाराष्ट्र और उड़ीसा पुलिस पार्टी को भेजा गया।

जांच के दौरान पुलिस को भिलाई के दो लोगों की जानकारी मिली, जो इस घटना में शामिल थे, पुलिस ने उनदोनों को हिरासत में लेकर पुछताछ की, तो पूरी जानकारी उन्होंने सामने रख दी। पुलिस ने देवी प्रसाद बसोर और मनीष बंसोर के पास से बाइक, एक पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, एक देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस और लूटी गयी रकम में से 1 लाख 10 हजार रुपये नकद बरामद किये।

वहीं दोनों आरोपियों की निशानदेही पर यूपी से भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने कुछ और भी साथियों के नाम बताये हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। युपी से संजय की गिरफ्तारी में भी कई राज खुले हैं, जिसमें रायपुर के साथ-साथ कई अन्य जगहों पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया।