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हाईकोर्ट ने फिर पूछा “अनिल टूटेजा जो आरोपी है, उसके आवेदन पर कैसे बनाई आपने SIT” वहीं दुबे को मिली राहत बरक़रार, कोर्ट ने कहा “पूछताछ यदि करें तो अधिवक्ता की मौजूदगी और वीडियो रिकॉर्डिंग भी हो”

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बिलासपुर,14 मार्च 2019। नान घोटाले को लेकर गठित SIT की वैधानिकता पर दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस अजय त्रिपाठी और जस्टिस पी पी साहू की बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान फिर सरकार से पूछा है

“अनिल टुटेजा जो आरोपी हैं उसके आवेदन पर आपने SIT कैसे बनाई”

करीब पौने बारह बजे नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक द्वारा दायर जनहित याचिका पर बहस शुरु हुई, सरकार की ओर से पी चिदंबरम और दयान कृष्णनन ने तर्क दिया कि, नेता प्रतिपक्ष राजनैतिक व्यक्ति है और उनके द्वारा दायर जनहित याचिका मैनटेनेबल नही है, इसके जवाब में महेश जेठमलानी, विवेक शर्मा और प्रवीण दास ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत प्रस्तुत कर दलील दी कि, सीएलपी को यह अधिकार है वे जनहित याचिका दायर कर सकते हैं।
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली डबल बेंच में सुनवायी के दौरान कहा

“यह बेहतर होगा कि SIT के गठन को लेकर जो अभिलेख सरकार ने दिए है वे रिटकर्ता को भी उपलब्ध कराए जाएँ”

इसके साथ ACB के डीएसपी आर के दुबे की याचिका पर भी डबल बेंच ने सुनवाई की। आर के दुबे की ओर से अधिवक्ता अभिषेक सिन्हा ने पैरवी की, जबकि दयान कृष्णनन ने एसीबी की ओर से पक्ष रखा।
चीफ जस्टिस अजय त्रिपाठी और जस्टिस पी पी साहू की बेंच ने डीएसपी आर के दुबे को दी राहत बरक़रार रखी है । आर के दुबे के मसले पर शासन ने आग्रह किया कि आर के दुबे से पूछताछ किया जाना आवश्यक है तब अधिवक्ता अभिषेक सिन्हा ने कोर्ट से आग्रह किया कि पूछताछ यदि की जाती है तो ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए,तब पूछताछ के मसले पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया

“पूछताछ करें लेकिन पूछताछ के दौरान अधिवक्ता की मौजुदगी होगी और इस पूरी पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी”

हाईकोर्ट ने दोनो ही प्रकरणो में 29 अप्रैल की तारीख़ दी है।