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….अब जाकेश साहू ने कर दिया शिव सारथी को बर्खास्त…. फेडरेशन में बर्खास्तगी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर… आज सुबह शिव सारथी ने लगाये थे जाकेश पर गंभीर आरोप … पढ़िये आरोप

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रायपुर 14 मार्च 2019। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष का मुद्दा बुरी तरह से उलझ गया है। नये घटनाक्रम में  “छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन” के प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू ने फेडरेशन की प्राथमिक सदस्यता से शिव सारथी को आगामी छह साल तक के लिए बर्खास्त कर दिया है। शिव सारथी के ऊपर निम्नांकित गम्भीर आरोप लगाये हैं :-
1) आंदोलन विरोधी व्यक्ति :- 2017 में मोर्चा के आंदोलन के दौरान शिव सारथी द्वारा उक्त आंदोलन में शामिल न होकर प्रतिदिन स्कूल लगाया जा रहा था। यह कार्य प्रदेश के 1,09,000 शिक्षाकर्मी वर्ग 03 साथियों के भावनाओ के साथ खिलवाड़ है।
चूंकि जब प्रदेशभर 99 % से ज्यादा शिक्षाकर्मी अपनी संविलियन एवं सातवे वेतनमान की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे थे तब शिव सारथी उक्त आंदोलन का विरोध कर प्रतिदिन स्कूल जा रहा था।
2) फेडरेशन के शीर्ष नेतृत्व से जानकारी छुपाना :- शिव सारथी द्वारा फेडरेशन के शीर्ष नेतृत्व से अपने खुद के बारे में वास्तविक जानकारी शुरुवाती दिनों में छुपाई गई थी। उक्त व्यक्ति 2017 के मोर्चा द्वारा आयोजित आंदोलन में शामिल नहीं था जिस बारे में फेडरेशन को नहीं बताया गया जिससे फेडरेशन की बदनामी हुई, विरोधियों ने फेडरेशन पर बार-बार यह आरोप लगाया कि फेडरेशन आंदोलन विरोधी है। यह आरोप शिव सारथी के कारण लगा जिससे फेडरेशन की छवि खराब हुई तथा प्रदेश के 1,09,000 साथियों के भावनाओ से खिलवाड़ हुआ।
3) कूटरचना एवं फर्जीवाड़ा करना:- शिव सारथी द्वारा फेडरेशन के दस्तावेजों से छेड़छाड़ किया गया। पंजीयन हेतु सभी सदस्यों द्वारा ओरिजनल हस्ताक्षर की कॉपी पीडीएफ में बनाकर देने के बाद भी उक्त व्यक्ति द्वारा सभी सदस्यों का फर्जी हस्ताक्षर स्वयम के द्वारा किया गया ताकि पंजीयन खुद के नाम से करा सके। साथियों को बताएं बिना पंजीयन खुद के एड्रेस पर करा लिया गया।
4) संगठन का गलत एवं असंवैधानिक तरीके से चुनाव करवाना:- शिव सारथी द्वारा विगत 03 मार्च को फेडरेशन प्रांताध्यक्ष का फर्जी चुनाव करवा कर मनीष मिश्रा को प्रांताध्यक्ष चुन लिया गया। चूंकि प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की गई थी, 30 % जिला अध्यक्ष एवं जिला संयोजक की उपस्थिति में चुनाव हुआ। 95 % ब्लाक अध्यक्ष साथीगण चुनाव में आए ही नहीं, ब्लाक अध्यक्ष साथियों को चुनाव की जानकारी ही नहीं दी गई। धोखेधड़ी से चुनाव कर लोगो को गुमराह किया गया। प्रदेशभर में फेडरेशन का माहौल खराब किया गया। फेडरेशन का बायलॉज अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई।
5) सोसल मीडिया में गलत व भ्रामक खबर परोसकर प्रांताध्यक्ष व फेडरेशन की छवि खराब करना:- शिव सारथी द्वारा फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू के बारे में गलत, झूठी व भ्रामक खबर परोसकर लोगो मे भ्रम फैलाया गया, प्रदेशाध्यक्ष व फेडरेशन की छवि खराब करने की असफल कोशिश की गई। ऑनलाइन हुए चुनाव में खुद की हार के बाद शिव सारथी द्वारा बौखलाहट में गलत खबरे चलाई जा रही।

इससे पहले आज सुबह शिव सारथी ने जाकेश पर आरोप लगाये थे….

फेडरेशन से बर्खास्त जाकेश साहू भेज रहा प्रदेश भर में झूठा वेब न्यूज*

*सावधान रहें सहायक शिक्षक*
*मुँहतोड़ जवाब दे ऐसे व्यक्ति को*
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छग सहायक शिक्षक फेडरेशन के सम्मानीय संकुल,ब्लाक जिला ,सम्भाग के पदाधिकारी एवं प्रदेश के 1 लाख 9 हजार सहायक शिक्षक साथियो फेडरेशन के उदय सिर्फ और सिर्फ हमारी माँगो को पूरा करने के लिए हुआ है हमने इसका आरम्भ सामूहिक नेतृत्व से किया था पर समय के साथ एक स्वंयम्भु प्रांताध्यक्ष पद के लालची व्यक्ति ने रातों रात अपने आपको प्रांताध्यक्ष घोषित करके खुद को सर्वेसर्वा समझ बैठा और फेडरेशन के कई सम्मानीय प्रान्तीय संयोजको के ऊपर झूठ मुठ का मनगढ़ंत आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठित छवि को धूमिल करने का कुचेष्टा किया और जब प्रदेश भर के साथियो का विरोध चालू हुआ तो वही व्यक्ति रोते गिड़गिड़ाते माफी मांग कर वापस आ गया जिस पर तरस कहकर हमारे जिलाध्यक्षो ने उन्हें पुनः फेडरेशन में शामिल कराया यही हमारी भूल है क्योंकि वह व्यक्ति मात्र कुछ दिन ही चुप रहा उसके बाद फिर से सोशल मीडिया में अपनी उलजुलूल हरकत चालू कर दिया और प्रान्तीय निर्णय के विरुद्ध मैसेज डालकर मनमानी तरिके से फेडरेशन को चलाने की कोशिश करने लगा जिस पर अंकुश लगाने के लिए 3 मार्च को रायपुर में बैठक बुलाया गया था जिसका मैसेज वह खुद भेजकर गायब हो गया यह वही आदमी है जो पुलावामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम के कारण फेडरेशन की सारी गतिविधि को निरस्त करवाया यहां तक प्रान्तीय बैठक भी और जब पूरे प्रदेश भर में अमर जवानों को श्रद्धांजलि दिया जा रहा था तो यह खुदगर्ज आदमी अपने घर में आराम फरमा रहा था और पूरे प्रदेश में खुद समाचार बनाकर वाहवाही लेना चाह रहा था यह वही आदमी है जो 2 मार्च को जब पूरा फेडरेशन पूरे 27 जिले में 7%DA और राजपत्र में प्रकाशन के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दे रहा था तो ये बेईमान फिर गायब रहा अपने राजनांदगांव के ज्ञापन कार्यक्रम से गायब रहा और घर में बैठकर झूठा वाहवाही लूटने के लिए आने नाम को प्रमुखता से रखकर पूरे प्रदेशभर में समाचार परोसा और अपनी पीठ थपथपवाया ऐसे ही 3 मार्च के बैठक आहूत करके गायब हो गया और जब उपस्थित जिलाध्यक्षो ने इसके इसी करतुत को रोकने के लिए अंतरिम व्यवस्था के तहत मात 1 वर्ष के लिए प्रत्यक्ष ,निपक्ष चुनाव कराकर एक सशक्त कार्यकारिणी बना दिया तो इसके प्रांताध्यक्ष बनने की महत्वकांशा धूमिल होने लगी और इसने लोगो को फिर वाट्सअप के माध्यम से गुमराह करने लगा और विरोध चालू किया तथा अपने एक साथी के माध्यम से सोशल मीडिया के वाट्सअप में प्रांताध्यक्ष बनने के लिए वोटिंग पोल चालू किया जिसमें बमुश्किल 500 लोगो को ये खुद वोट कराकर अपने आप को प्रांताध्यक्ष घोशित कर दिया और बेवकूफ की भांति फेडरेशन के सही पदाधिकारियो को पदांकित करके स्वयं फेडरेशन पर दावा कर रहा है जिसे कुछ विरोधी तत्व जिन्हें सिर्फ नेतागिरी से ही मतलब है न कि वर्ग 3 के कोई माँग से एक षणयंत्र के तहत साथ देने लगे कुछ लोग 3 मार्च को चुनाव पर नराजगी भी है जो जायज है क्योंकि वे उस चुनाव का हिस्सा बनने से चूक गए पर मैं उन साथियो को बताना चाहता हूँ कि यह चुनाव वैकल्पिक है न कि स्थायी फिर भी लोग मुँह फुलाये बैठे है मैं ऐसे लोगो से पूछना चाहता हूं कि अभी पंजीयन ऑफिस के अनुसार न तो लोग विधिवत फेडरेशन के सदस्य बने है न ही मतदाता सूची बना है न ही सदस्यो का नाम पंजीयन आफिस में जमा किया गया है ऐसे में नियमावली के अनुसार चुनाव सम्भव नही था इसीलिए जिलाध्यक्षो ने 1 वर्ष की व्यवस्था बनाया ताकि संघ का काम व्यवस्थित ढंग से चल सके जो लोगो को रास नही आया और हर बार की भांति एकबार फिर फेडरेशन की एकता को खंडित करने का काम चालू हो गया ।मैं आप लोगो को बता दूं ये दो लोग कभी भी आप लोगो का भला नही कर सकते जिन्हें सामूहिक निर्णय पर भरोसा नही जो अपने किये गए बातों पर कायम नही रह सकता रोज रोज उलजुलूल बयान देकर लोगो को द्विभर्मित करना सयम्भू नेता बनकर नाचगा कर खुश होना जैसे बेहद हरकत करता हो ओ कभी भी इतने बड़े फेडरेशन के अगुवा बन ही नही सकता यही कारण है कि ऐसे लोगो को फेडरेशन से बाहर का रास्ता दिखाया गया है जो 100% सही व सराहनीय कदम है इसके लिए फेडरेशन के ब्लाक,जिला,सम्भाग से लेकर प्रान्त के पदाधिकारीगण बधाई के पत्र है ।
आगे मैं बताना चाहता हूँ कि बहुत जल्द ही लोकसभा आम चुनाव के बाद फेडरेशन के सदस्यता अभियान चलाकर सबसे पहले सदस्यो की सूची पंजीयन कार्यालय में दिया जायेगा फिर वही से चुनाव अधिकारी बुलाकर विधिवत आम लोगों के इच्छानुसार प्रान्त के पदाधिकारियो का चयन किया जाएगा तब तक के लिए 3 मार्च को घोषित कार्यकारिणी ही अंतरिम रूप से फेडरेशन के सभी कार्यकर्मो का संचालन करेगा।
तब तक आप सभी को धैर्य रखना होगा तरह फेडरेशन के 4 सूत्रीय माँग सहित स्थानीय समस्या और अभी जो राजपत्र प्रकाशन और क्रमोन्नति सहित एरियर्स की माँगो को पूरा करने के लिए एकजुटता के साथ स स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाना होगा अगर आप इसके बावजूद चुनाव कराने की बात कहते है तो निश्चित ही आप जिला ब्लाक वाले जो पदलोलुपता की इल्जाम प्रान्त वालो पर लगाते है कही न कही उसके शिकार आप भी है इसलिए अध्यक्ष, सचिव सहित पदाधिकारियो की चिलमचिली छोड़कर अपने माँग के लिए सजग और सतर्क रहें कही 2011 की भांति क्रमोन्नति की आदेश कही हमारे आपसी खींचतान से 2013 में भूतलक्षी प्रभाव से खत्म कर दिया गया था इस बार भी न हो जाये।
इसलिए फेडरेशन के समर्पित सिपाही बने और इधर उधर के बजाय अपनी मांग की दिशा में सोचे।