Home कॉरपोरेट नगर निगम आयुक्त ने किया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ट्रेंचिंग ग्राउंड का...

नगर निगम आयुक्त ने किया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण….

0

रायपुर 12 फरवरी 2019। नगर निगम आयुक्त शिव अनंत तायल ने तेलीबांधा तालाब शुद्धिकरण हेतु जैविक पद्धति से होने वाले जल उपचार संयंत्र की स्थापना की तैयारियों सहित रावांभाठा स्थित जल संयत्र , सरोना ट्रेचिंग ग्राउंड, टिकरापारा में संचालित नगर निगम के मोटर वर्कशॉप का निरीक्षण किया। कमिश्नर तायल दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड का भी औचक निरीक्षण कर डोर-ूटू-डोर कचरा संग्रहण में लगे वाहनों, उनकी टायमिंग आदि की भी जानकारी ली। इस दौरान अपर आयुक्त अविनाश भोई सहित संबंधित जोन कमिश्नर, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता व अन्य अधिकारी भी साथ थे।

तायल, रावांभाठा स्थित जल शोधन संयंत्र की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली एवं आसन्न ग्रीष्म ऋतु में निर्बाध जल आपूर्ति हेतु की जा रही तैयारियों को देखा। उन्होंने जलशोधन क्षमता के विस्तार योजना के तहत बन रहे नए फिल्टर प्लांट का भी निरीक्षण किया एवं यहां किए जा रहे प्रबंधो की जानकारी ली। मोटर वर्कशॉप के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंडम गाड़ियो की नीलामी करने एवं उपयोग में लाए जा सकने वाले वाहनों के मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए हैं।

तायल डी.डी. नगर वार्ड में रामकी कंपनी द्वारा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गीले, सूखे कचरे के पृथक्करण के साथ ही हर घर से कचरे के निपटान का कार्य पूरी गंभीरता से किया जाए एवं वाहन प्रचालन की नियमित माॅनिटरिंग कर टाइमिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गाड़ियों का संचालन नियमित रूप से किया जाए एवं यदि मेटनेंस या गाड़ियों के बिगड़ने की दशा में वैकल्पिक वाहन का उपयोग कर कचरा संग्रहण किया जाए। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन के नोडल आधिकारी हरेंद्र साहू ,स्वास्थ्य अधिकारी डाँ बी.के मिश्रा,जोन कमिश्नर हेमंत शर्मा, कार्यपालन अभियंता बद्री चंद्राकर व एस. पी. त्रिपाठी भी उपस्थित थे।

तेलीबांधा तालाब में जैेविक पद्धति से फ्लोटिंग गार्डेन्स द्वारा तालाबों की सफाई का भी उन्होंने निरीक्षण किया। स्मार्ट सिटी के मैनेजर प्रमोद भास्कर, नीरी व भेल के अधिकारियों ने बताया कि जैविक उपचार से प्रदेश में पहली बार तालाबों की सफाई की जा रही हैं। इससे जहां एक ओर तालाब की गहराई बढ़ेगी, वहीं तालाब में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और जलीय जीव के लिए यह पद्धति लाभदायी है। विगत 25 दिसंबर से 3 माह के लिए यह प्लांट ट्रायल रन में शुरू कर दिया गया है, इसका पांच वर्षों तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड करेगा।आकर्षक लैंड स्केपिंग से इस क्षेत्र को आकर्षक स्वरूप देने के साथ इस प्रणाली के बाद तालाब के पानी से आने वाली बदबू से भी निजात मिलेगी।