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योजनाओं का नाम बदले जाने पर विपक्ष का हंगामा, स्थगन की मांग …..कौशिक ने बताया- महापुरुष का अपमान…तो सत्ता पक्ष का जवाब- शुरुआत तो आपने ही की थी

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रायपुर 12 फरवरी 2019। योजनाओं के नाम बदलने को लेकर आज सदन भी खूब गरमाया। शून्यकाल में भाजपा विधायकों ने योजनाओं के नाम को बदलने को लेकर सत्ता पक्ष से जवाब मांगा, वहीं इस मामले में स्थगन कर चर्चा की मांग की। हालांकि विपक्ष के इस सवाल पर त्वरित जवाब भी सरकार की तरफ से दिया गया। शून्यकाल में नारायण चंदेल ने दीनदयाल के नाम पर संचालित योजनाओं का नाम बदलने को लेकर ऐतराज जताते हुए चर्चा की मांग की। बाद में नारायण चंदेल का साथ अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी दिया। अजय चंद्राकर ने कहा कि किसी महापुरुष की विचारधारा व उनके नाम पर संचालित योजनाओं कौ बदला जाना अलोकतांत्रिक है, जिसे बदला जाना चाहिये।

जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि नाम बदलने की शुरुआत को भाजपा ने ही की थी। इंदिरा जी-राजीव गांधी के नाम पर जो योजनाएं चल रही थी, उसे बदला गया था। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र की दुहाई देने वालों को खुद देखना चाहिये, उन्होंने क्या किया। वहीं मोहन मरकाम ने कहा कि यूपीए ने राजीव गांधी विद्युतीकरण के नाम पर  जो राशि दी थी, उसे बीजेपी सरकार दीनदयाल विद्युतीकरण योजना बनाकर संचालित किया। शिवरतन शर्मा ने कहा कि अगर योजनाओं का नाम बदलकर किसी महापुरुष के नाम पर किया जाता तो ऐतराज नहीं थी, लेकिन किसी महापुरुष के नाम पर संचालित योजनाओं को बदलना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। उन्होंने इस परंपरा को देश के लिए गलत बताया।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि योजनाओं का नाम रातों-रात बदलकर सरकार ने दूषित मानसिकता का परिचय दिया है। उन्होंने इसे महापुरुषों का अपमान बताया।