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प्रेमिका की हत्या कर प्रेमी बन गया साधु, फिर घूम-घूमकर लोगों को सुनाने लगा भागवत की कथा

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दुर्ग 6 दिसंबर 2018 !…. दुर्ग पुलिस ने साधु के वेष में एक शैतान को गिरफ्तार किया है !….साधु बने शैतान ने 5 साल पहले अपनी प्रेमिका की हत्या की और फिर भागकर इलाहाबाद में साधु बन गया था। अब ये आरोपी घुम-घुमकर भागवत की कथा सुनाया करता था, लेकिन मोबाइल पर की गयी एक गलती से वो अब सलाखों के पीछे है। इस मामले में आज दुर्ग के एडिश्नल एसपी विजय कुमार पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।  पूरी घटना की तफ्तीश के लिए आपको 5 साल पहले फ्लैश बैक में जाना होगा। 2013 में 18 अक्टूबर को भिलाई के रामनगर में एक युवती की लाश मिली थी, जिसकी पहचान कोरिया की रीता साहू के रूप में हुई। आरोपी का नाम सुशील दुबे बताया जा रहा था, जो घटना के बाद से ही फरार बताया जा रहा था।

शुरुआती दौर में मौत मामले की जांच के बाद जांच ठंडी होती जा रही थी, लेकिन पिछले दिनों एसपी संजीव शुक्ला ने एक बार फिर इस मर्डर मामले की नये सिरे से जांच के आदेश दिये। एसपी संजीव शुक्ला ने आरोपी की मौजूद तस्वीर के स्कैच दाड़ी-मुंछ के साथ करायी और उसकी नयी तस्वीर और नयी पहचान के साथ तलाशी के निर्देश दिये थे। दरअसल हुआ ये था कि आरोपी सुशील दुबे का परिवार इलाहाबाद से था और सुशील के पिता की इलाहाबाद के साधुओं के साथ करीबी से पहचान थी। लिहाजा एसपी संजीव शुक्ला ने उसी आधार पर एएसपी विजय पांडेय के निर्देशन में इस मामले का इलाहाबाद कनेक्शन जोड़कर आरोपी की तलाश शुरू करने का निर्देश दिया।

चुनौतियां ये थी कि प्रयाग संगम पर हजारों साधुओं की भीड़ में सुशील दुबे की पहचान कैसे की जाये। ऐसे में पुलिस ने सुशील के परिवार के पास आने वाले फोन कॉल को ट्रैकिंग का फैसला लिया गया। पुलिस को कॉल ट्रैकिंग के आधार पर ये जानकारी मिली की, किसी हनुमानदास महाराज के नाम से लगातार फोन कॉल आया करता था। पुलिस और क्राइम  ब्रांच के आधार पर इलाहाबाद में तलाश शुरू की, जल्द ही हनुमानदास महाराज नाम के साधु का पता चल गया।

तलाशी के दौरान हुलिया सुशील दुबे से मिलता जुलता नजर आया। आरोपी  नाम और हुलिया बदलकर जगह जगह भागवत कराया करता था। पुलिस को पता चला की मध्य प्रदेश के रामकुंड के पास भागवत चल रहा है, जिसमें ये साधु आया हुआ है। पुलिस की टीम उसी भागवत में पहुंची और फिर उस पर करीबी नजर रखने लगी। पुलिस को जब पूरा शक हो गया कि हुनमानदास महाराज ही हत्यारा सुशील दुबे हैं तो भागवत खत्म होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

इस दौरान पुलिस ने विजय दुबे के हाथों मे रीता साहू के नाम पर बने टैटू के आधार पर भी उसकी पहचान करायी। आरोपी साधु ने गिरफ्तारी के बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसका संबंध मृतिका रीता साहू से था। विजय दुबे को  इस बात का शक था कि रीता का शारीरिक संबंध अन्य मर्दों के साथ भी है। लिहाजा एक दिन दोनों ने जमकर शराब पी और फिर शराब के नशे में ही रीता की हत्या विजय ने कर दी और फिर लाश को फेंककर फरार हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी सुशील दुबे अपना हुलिया बदलकर साधुओ के साथ रहने लगा था। वो साधुओं के साथ रहकर सागर दमोह, छतरपुर में भगवत कथा करने लगा था।