Home खेलकूद हॉकी टीम की मदद करने पाक क्रिकेट बोर्ड ने किया इनकार….

हॉकी टीम की मदद करने पाक क्रिकेट बोर्ड ने किया इनकार….

39
0

नईदिल्ली 8 नवंबर 2018. पाकिस्तान की विश्व कप हॉकी में भाग लेने की उम्मीदों को एक और करारा झटका लगा है क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत में 28 नवंबर से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपने देश की राष्ट्रीय हॉकी टीम को आर्थिक मदद देने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने टीम को भुवनेश्वर भेजने और खिलाड़ियों के बकाए का भुगतान करने के लिए पीसीबी से कर्ज देने की अपील की थी।

पाकिस्तान के नए मुख्य कोच ताकिर दार और मैनेजर हसन सरदार ने पुष्टि की है कि उन्होंने पीसीबी प्रमुख एहसान मनि से बात करके उनसे विश्व कप के खर्चों के लिए कर्ज मुहैया कराने का आग्रह किया था।  दार ने कहा, ‘हमें उनसे गुरुवार को बैठक करनी थी लेकिन कुछ जरूरी मसलों के कारण उन्होंने हमसे फोन पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीसीबी पीएचएफ को किसी तरह का अग्रिम कर्ज नहीं दे सकता है क्योंकि बोर्ड ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) तौकिर जिया के कार्यकाल के दौरान महासंघ को जो ऋण दिया था उसे लौटाया नहीं।

दार ने कहा कि मनि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुराने कर्ज के कारण बोर्ड के लिए नया ऋण देना संभव नहीं है क्योंकि उन्हें अपने वित्तीय सलाहकारों और लेखा परीक्षकों को जवाब देना है। उन्होंने कहा, ‘मनि साहब ने हालांकि आश्वासन दिया कि वह हमें वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार और प्रायोजकों से बात करेंगे।’

पीसीबी सचिव शाहबाज अहमद ने भी पीटीआई से कहा कि राष्ट्रीय टीम की विश्व कप में भाग लेने की संभावना कम होती जा रही है क्योंकि सरकार ने 80 लाख रुपए का अनुदान देने के पीएचएफ के आवेदन का अब तक जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘हमने अब एक सप्ताह के अंदर अनुदान जारी करने के लिए सीधे प्रधानमंत्री सचिवालय को लिखा है। अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारे लिए टीम को भारत भेजना बहुत मुश्किल होगा।’ विश्व कप 28 नवंबर से 16 दिसंबर के बीच भुवनेश्वर में खेला जाएगा।

शाहबाज ने कहा, ‘अगर हम टीम को भारत को नहीं भेज पाते हैं तो इससे न सिर्फ हॉकी जगत में हमारी छवि धूमिल होगी बल्कि हमें एफआईएच का जुर्माना भी झेलना होगा।’ दार ने कहा कि उन्होंने मनि से कहा है कि वह प्रधानमंत्री से बात करें और कहें सरकार चाहे तो पीएचएफ को पैसा देने के बजाय होटल बिल और खिलाड़ियों के बकाए का सीधा भुगतान कर सकती है।