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हत्या के दोनों मामले में संत रामपाल दोषी करार….सजा का ऐलान 16-17 अक्टूबर को

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नई दिल्ली 11 अक्टूबर 2018. रामपाल को हत्या के दो मामलों में हिसार की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है. ये अहम फैसला सुनाने के लिए हिसार जेल में ही अदालत लगाई गई थी, हिसार के सतलोक आश्रम वाले संत रामपाल पर सेशन कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया। हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोनों मामले में दोषी करार दिया। इन मामलों में 16-17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला आने से पहले हिसार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा लगा हुआ था। रामपाल पर 24 अगस्त को फैसला आना था लेकिन राम रहीम के मामले को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इसे टाल दिया गया था। वहीं रामपाल पर देशद्रोह के मामले में 19 नवंबर को सुनवाई होगी।

जिन मामलों में रामपाल को सजा सुनाई गई है, उनमें पहला केस महिला भक्त की संदिग्ध मौत का है, जिसकी लाश उनके सतलोक आश्रम से 18 नवंबर 2014 को बरामद की गई थी. जबकि दूसरा मामला उस हिंसा से जुड़ा है जिसमें रामपाल के भक्त पुलिस के साथ भिड़ गये थे. इस दौरान करीब 10 दिन चली हिंसा में 4 महिलाएं और 1 बच्चे की मौत हो गई थी. इन दोनों मामलों में सजा का ऐलान 16 और 17 अक्टूबर को किया जाएगा.

हिसार के डीसी एके मीना ने कहा कि आज कोर्ट ने दो मामलों में स्वयंभू गॉडमैन रामपाल के खिलाफ फैसला सुनाया। एफआईआर नंबर 429 पर 16 अक्टूबर को और एफआईआर नंबर 430 पर 17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। 17 अक्टूबर तक इलाके में धारा 144  और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

एफआईआर नंबर 429 के मुताबकि नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में रामपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान वह और उसके 15 समर्थकों पर चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या करने का आरोप है। एफआईआर नंबर 430 के मुताबिक रामपाल और उसके 13 समर्थकों पर नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में रामपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान आश्रम के भीतर एक महिला की हत्या का आरोप है।

सुनवाई से पहले कई रूटों को डावर्ट कर दिया गया था। सुनवाई से 48 घंटे पहले ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं। रामपाल के समर्थक किसी तरह की कानून व्यवस्था ना बिगाड़ पाए इसके लिए प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था।