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Breaking_ईवीएम में घोर लापरवाही, अंबिकापुर, कोरिया के अफसर EVM को लेकर घर चले गए, पुलिस देर रात दबिश देकर मशीन वापिस लाई

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संदीप कुमार
रायपुर, 17 सितंबर 2018। ईवीएम को लेकर चल रही शिकवे-शिकायतों के बीच छत्तीसगढ़ में इसके रखरखाव में घोर लापरवाही सामने आई है। बताते हैं, लोगों को वोटिंग की ट्रेनिंग देने के लिए दी गई ईवीएम को अंबिकापुर, कोरिया समेत कुछ जिलों के अफसर अपने घर लेकर चले गए। जबकि, चुनाव आयोग के गाइडलाइन में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि छेड़-छाड़ की आशंका के मद्देनजर ईवीएम को आफिस में रखा जाएगा।
करीब हफ्ते भर बाद राज्य निर्वाचन कार्यालय के अफसरों को दो दिन पहले इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। सूत्रों का कहना है कि मुख्य निर्वाचन पदाघिकारी सुब्रत साहू ने तत्काल कलेक्टरों को फोन लगाया। कलेक्टरों ने इससे अनभिज्ञता जताई। डिस्ट्रिक्ट रिटर्निंग अफसर होने के बाद भी उन्हें पता ही नहीं था कि ईवीएम कहां रखा गया है। बताते हैं, साहू ने फिर अपने सोर्स से पता लगाया तो बात सही निकली। इसके बाद उन्होंने कलेक्टरों के व्हाट्सएप मैसेज किया कि जिन जिलों के अफसर ईवीएम लेकर घर गए होंगे, उन जिलों के अफसरों को तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। साथ ही वहां के कलेक्टरों को चुनावी कार्य से अलग कर दिया जाएगा।
सीईसी ने जब व्हाट्सएप किया तब तक रात नौ बज गए थे। उनके मैसेज से डर कर कलेक्टरों ने पुलिस की मदद मांगी। पुलिस पार्टी रात में अफसरों के घरों पर रात दस बजे दस्तक देनी शुरू की। बताते हैं, रात एक बजे तक तीन जिलों से करीब 125 ईवीएम पुलिस ने बरामद कर ली। कई अफसरों के घर पुलिस देर रात पहुंची। कॉल बेल की आवाज पर अफसरों ने जब दरवाजा खोला गया तो देखा पुलिस खड़ी है। कुछ को लगा कि कहीं उनके यहां एसीबी का छापा तो नहीं पड़ गया है। दरअसल, आनन-फानन में कार्रवाई इसलिए की गई कि अफसरों को डर था कि ईवीएम की लापरवाही की खबर कहीं भारत निर्वाचन आयोग में पहुंच गई तो बवाल मच जाएगा। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। हालांकि, कुछ अफसरों ने खुद भी रात में जिला कार्यालयों में ईवीएम पहुंचा दिए।
छत्तीसगढ़ में ये तब हो रहा है, जब चार दिन की ट्रेनिंग के बाद चुनाव आयोग ने कलेक्टरों की बकायदा परीक्षा ली है। इसके बाद भी कलेक्टर चुनाव को लेकर गंभीर नहीं है। ईवीएम कौन ले जा रहा है, क्या कर रहा है, कलेक्टरों को इसकी सुध नहीं है। अधिकांश जिलों में कलेक्टरों ने यह काम अपने डिप्टी कलेक्टरों पर छोड़ रखा है। ऐसे में, चुनाव के वक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुब्रत साहू और सरकार को वे दिक्कत में डाल सकते हैं।