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आप भी जान लें, फोन उठाते समय क्‍यों बोला जाता है HELLO… कहां से हुई इसकी शुरुआत

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नयी दिल्ली 16 सितंबर 2018।  दुनिया में अधिकतर मोबाइल यूजर्स फोन रिसीव करते ही हैलो बोलते है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोन उठाते समय पहले हम हैलो ही क्यो बोलते हैं? या फिर हैलो के अलावा और कुछ क्यों नहीं कहते। तो आज हम आपको बताने जा रहे है कि आखिर फोन पर बात करने से पहले हैलो क्यो कहा जाता है।

21 नवम्बर को वर्ल्ड हेलो डे मनाया जायेगा. हम में से बहुत कम लोगों को ही इसके बारे में पता होगा और शायद यही वजह रही कि भारत में इसकी न के बराबर चर्चा थी. इसे मनाए जाने का उद्देश्य लोगों को बातचीत करने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे सीखें कि हर समस्या का हल बातचीत से हो सकता है. और यूं ही की गई बातचीत भी दिल का बोझ हल्का करने का सबसे अच्छा जरिया बन सकती है. यह दिन मनाने की बुनियादी रस्म है कि लोग अपने आसपास कम से कम दस लोगों को ‘हेलो’ कहें. वर्ल्ड हेलो डे सन 1973 में शुरू हुआ था. यह दिवस अब 180 देशों में मनाया जाता है. हालांकि इसकी लोकप्रियता ऐसी नहीं है कि यह सामान्य ज्ञान का सवाल भी बन सके.

ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार हैलो शब्द पुराने जर्मन शब्द हाला, होला से बना है, जिसका इस्तेमाल नाविक करते थे। ये शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से निकला है। इसका मतलब होता है ‘कैसे हो’ यानी, हाल कैसा है जनाब का? अंग्रेज कवि चॉसर के जमाने में यानी 1300 के बाद ये शब्द हालो (hallow) बन चुका था। इसके दो सौ साल बाद यानी शेक्सपियर के जमाने में हालू (Halloo) बन गया। फिर ये शिकारियों और मल्लाहों के इस्तेमाल से कुछ और बदला और हालवा, हालूवा,होलो (hallloa, hallooa, hollo) बना।

पहले बना ‘आर यू देयर’
अब अगर फोन पर हैलो शब्‍द बोलने की पीछे का लॉजिक देखा जाए तो, जब टेलीफोन का आविष्कार हुआ उस समय लोग फोन पर पूछा करते थे ‘आर यू देयर?’(Are you there)? तब उन्हें यह विश्वास नहीं था कि उनकी आवाज़ दूसरी ओर पहुंच रही है। लेकिन अमेरिकी आविष्कारक टॉमस एडीसन को इतना लंबा वाक्य पसंद नहीं था। उन्होंने जब पहली बार फ़ोन किया तो उन्हें य़कीन था कि दूसरी ओर उनकी आवाज़ पहुंच रही है। उन्होंने कहा, हलो।

ग्राहम बेल ने कहा था ‘हाय’
1876 को अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के टेलीफोन आविष्कार को पेटेंट मिला। वे शुरू में टेलीफोन पर बात शुरू करने के लिए नाविकों के शब्द ‘हाय’ का इस्तेमाल करते थे। लेकिन सन 1877 में थॉमस एडीसन ने पिट्सबर्ग की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कम्पनी के अध्यक्ष टीबीए स्मिथ को लिखा कि टेलीफोन पर स्वागत शब्द के रूप में हैलो का इस्तेमाल करना चाहिए। उनकी सलाह को अंततः सभी ने मान लिया। उन दिनों टेलीफोन एक्सचेंज में काम करने वाली ऑपरेटरों को ‘हैलो गर्ल्स’ कहा जाता था।