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सस्पेंस की सूली में लटक गया शिक्षाकर्मियों का समयमान व पुनरीक्षित वेतनमान…. जिला पंचायत को नये आदेश का इंतजार….पंचायत विभाग कह रहा नये आदेश की जरूरत नहीं…..

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रायपुर 10 अगस्त 2018। 7 साल की सेवा पूर्ण करने पर समयमान और 8 साल की सेवा पूरी करने पर पुनरीक्षित वेतनमान कौन देगा ?…शिक्षा विभा या फिर पंचायत विभाग …. बिलासपुर में इन दिनों ये सवाल एक यक्ष प्रशन बन गया है। शिक्षा विभाग को शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर समयमान और पुनरीक्षित वेतनमान का आदेश नहीं है.. और पंचायत विभाग को इस मुद्दे पर स्पष्ट आदेश का इंतजार है। कमाल की बात है कि इस मुद्दे सबसे ज्यादा पेचिदगी बिलासपुर में है..क्योंकि बाकि जगहों पर लाभ तो पंचायत विभाग की तरफ से मिल रहा है। लेकिन बिलासपुर जिला पंचायत में सैंकड़ों शिक्षाकर्मियों को मिलने वाला ये लाभ सस्पेंस की सूली पर लटक गया है। हालांकि इस मुद्दे पर हमने पंचायत विभाग के अधिकारियों से भी बात करनी चाही, तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ कहने से इंकार कर दिया है। वहीं एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की सूरत में बताया कि इस मामले में पूर्व निर्धारित आदेश ही अभी मान्य है, इसके लिए कोई नये आदेश की जरूरत नहीं है।

प्रदेश के अन्य सभी जिला पंचायतों में 8 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले शिक्षाकर्मियों के प्रकरणों का निपटारा शुरू हो गया है, लेकिन बिलासपुर जिला पंचायत इसके लिए आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है। बिलासपुर जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले ऐसे शिक्षाकर्मी जिनका सेवाकाल 7 वर्ष या 8 वर्ष पूर्ण हो चुका है वह स्वाभाविक रूप से समयमान वेतनमान और पुनरीक्षित वेतनमान के हकदार हैं, लेकिन अब जिला पंचायत उनका प्रस्ताव पास करने के बजाय बीईओ ऑफिस से आने वाले प्रस्ताव को ही लौटा दे रहा है। दलील ये दी जा रही है कि हमारे पास कोई आदेश ही नहीं है, जबकि संविलियन की घोषणा के समय स्वयं पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर ने यह बात कही थी कि 8 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले शिक्षाकर्मियों की यथास्थिति बनी रहेगी और उनके नियोक्ता जिला पंचायत और जनपद पंचायत ही रहेंगे।  साथ ही पंचायत विभाग ने भी ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है जिससे किसी कार्य में कोई रोक लगाने की बात कही गई हो ।

अन्य जिला पंचायतों में जहां ऐसे सभी कार्य पूर्णरूपेण यथावत हो रहे हैं । वही बिलासपुर जिला पंचायत में मामला अटका हुआ है, जिससे शिक्षाकर्मियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है । शिक्षाकर्मी संघ के नेता भी इस विषय में जिला पंचायत के कर्मचारियों से बात कर चुके हैं।  बावजूद इसके कर्मचारी ऊपर से आदेश न होने की बात कहकर काम को टाल रहे हैं जिससे मामला बिगड़ता जा रहा है और स्थिति टकराहट का रूप ले सकती है । आने वाले 13 अगस्त को सामान्य प्रशासन समिति की बैठक भी है जिसमें यह प्रस्ताव पास होना है लेकिन चूंकि जिला पंचायत द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार ही नहीं किया जा रहा है इसलिए इस बैठक में भी यह प्रस्ताव पास नहीं हो पाएगा जो कि सीधे-सीधे जिला पंचायत की लापरवाही के चलते हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों को भी इसकी जानकारी नहीं है