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अब पुलिस को लाइसेंस दिखाने की नहीं पड़ेगी जरुरत, सरकार ने जारी किया ये नया प्रावधान…..

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नई दिल्ली 10 अगस्त 2018. अगर आप जल्दी-जल्दी में ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की आरसी घर पर भूल गए तो टैंशन लेने की जरुरत नहीं हैं, क्योंकि पुलिस अब आपका चालान नहीं काट सकती। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे इलेक्ट्रानिक रूप में डिजिलॉकर या एमपरिवहन प्लेटफॉर्म के जरिए पेश ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) या अन्य दस्तावेज स्वीकार करें। इसके अलावा राज्यों से कहा गया है कि जब्त दस्तवेज ई-चालान प्रणाली के जरिये इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाए जाने चाहिए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आज इस बारे में राज्यों को परामर्श जारी किया।

मंत्रालय ने बयान में बताया कि राज्यों से ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप में डिजिलॉकर या एमपरिवहन मंच के जरिये पेश किए जाने पर उन्हें स्वीकार किया जाए। यह मोटर वाहन कानून, 1988 के तहत वैध होगा। इन्हें परिवहन विभाग की ओर से जारी प्रमाणपत्रों के समान माना जाएगा। इस बारे में मंत्रालय को कई शिकायतें तथा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन मिले थे। इन शिकायतों में लोगों का कहना था कि यातायात पुलिस या परिवहन डिजिलॉकर या एमपरिवहन में उपलब्ध दस्तावेजों को वैध नहीं मानता है। बयान में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिलॉकर मंच तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एमपरिवहन मोबाइल एप में किसी भी नागरिक का ड्राइविंग लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र या किसी अन्य तरह का प्रमाणपत्र निकालने की सुविधा है।


सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत डिजिलॉकर या एमपरिवहन में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को मूल दस्तावेजों के समान मान लिया जाना चाहिए।  मोटर वाहन कानून, 1988 तथा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों के तहत मालिक या ड्राइवर को प्राधिकरण की मांग पर लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज पेश करने होंगे। परामर्श में यह भी कहा गया है कि नए वाहनों के बीमा और वाहनों के बीमा का नवीकरण बीमा सूचना बोर्ड (आईआईबी) द्वारा वाहन डाटाबेस पर रोजाना के आधार पर डाला जाता है। यह मंत्रालय के एमपरिवहन-ईचालान एप पर दिखता है।

केंद्र ने राज्यों को दिया निर्देश!

ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण सर्टिफिकेट को भौतिक रूप से साथ रखने की अनिवार्यता को खत्म करते हुए सरकार ने गुरुवार को राज्यों को सलाह जारी की है कि वे इस प्रकार के सभी दस्तावेजों को डिजिलॉकर या एमपरिवहन प्लेटफार्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फार्म में प्रस्तुत किए जाने पर स्वीकार करें.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को कहा कि आधिकारिक प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज ड्राइविंग परिवहन प्राधिकरणों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के बराबर माना जाएगा.

ऐसे करेगा काम 

– पहले अपने मोबाइल में डिजिलॉकर या एमपरिवहन ऐप डाउनलोड कर अपने आधार नंबर से ऑथेन्टिकेट करें।

-ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको साइन अप करना होगा।

-साइनअप के लिए आप जैसे ही अपने मोबाइल नंबर को फीड करेंगे, वैसे ही आपके नंबर पर ओटीपी आएगा। जिसको भरने के बाद आपकी पहचान वेरिफाई होगे।

– इसके बाद आपको लॉगइन के लिए अपना यूजर नेम और पासवर्ड सेट करना होगा।

-इसके बाद आप अपना अकाउंट आधार नंबर से ऑथेंटिकेट करेंगे। अब आप अपने 12 अंकों वाले आधार नंबर को एंटर करेंगे। फिर आधार डेटाबेस में आपका जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होगा, उस पर ओटीपी आएगा। उस ओटीपी को एंटर करने के बाद आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

इसके बाद आप डिजिलॉकर में अपने डॉक्युमेंट्स को सहेज सकेंगे।