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NPG Breaking-IAS अंकित आनंद बनें जनगणना निदेशक, भारत सरकार ने जारी किया आदेश, कहा…इमिडियेट रिलीव करें

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satyendra sing@newpowergame.com

रायपुर, 9 अगस्त 2018। बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अंकित आनंद सेंट्रल डेपुटेशन पर जनगणना निदेशक बनाए गए हैं। भारत सरकार ने उनकी पोस्टिंग का आर्डर जारी करते हुए राज्य सरकार से कहा है कि उन्हें फौरन रिलीव किया जाए। अंकित 2006 बैच के आईएएस हैं।
पता चला है, जनगणना निदेशक के लिए भारत सरकार ने राज्य से आईएएस अफसरों का पेनल मांगा था। यहां से अंकित समेत पांच आईएएस अफसरों के नाम भारत सरकार को भेजे गए थे। इनमें से केंद्र ने अंकित के नाम को हरी झंडी दे दी। बताते हैं, अंकित का प्रोफाइल स्ट्रांग है। वे कानपुर आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किए हैं। इसलिए, भारत सरकार ने उन्हें जनगणना कार्य के लिए उपयुक्त समझा।
हालांकि, भारत सरकार के इस फैसले से राज्य को झटका लगा है। एक तो अच्छे अफसरों की वैसे ही टोटा है। उस पर हाल ही में कुछ अफसर हायर स्टडी और सेंट्रल डेपुटेशन पर गए हैं। मुकेश बंसल और सोनमणि बोरा एक साल की हायर स्टडी पर यूएस गए हैं। वहीं, रोहित यादव सेंट्रल डेपुटेशन पर केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु के पीएस का काम संभाले हैं। अंकित आनंद ने बिजली वितरण कंपनी को अच्छे से संभाला था। इसलिए, चुनाव के ऐन पहिले सरकार भी इस पक्ष में नहीं है कि उन्हें से डेपुटेशन के लिए रिलीव किया जाए।

उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है, सरकार कोशिश कर रही है कि किसी तरह भारत सरकार एडिशनल पोस्टिंग के लिए तैयार हो जाए या फिर अंकित की जगह किसी और अफसर को पोस्ट कर दें। इसके लिए भारत सरकार के अफसरों से बात भी की जा रही है।

जीएडी ने फंसवा दिया?

बताते हैं, अंकित आनंद को सामान्य प्रशासन विभाग ने फंसवा दिया। भारत सरकार ने जब राज्य से पेनल मांगा था तो अफसरों की कमी बताते हुए सरकार ने यहां से किसी अफसर को जनगणना के लिए देने से इंकार कर दिया था। लेकिन, केंद्र के कुछ अफसरों ने मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि जनगणना डायरेक्टर बनने के बाद भी संबंधित अफसर राज्य सरकार का काम याने मूल विभाग संभालता रहेगा। जीएडी इसी झांसे में आ गया। और, पेनल भेज दिया। लेकिन, जब अंकित आनंद की केंद्र ने सीधे नियुक्ति कर दी और साथ ही तुरंत इमिडियेट रिलीव करने के लिए कहा तो यहां के अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई। असल में, किसी ने सोचा ही नहीं था कि अंकित जैसे अफसर को केंद्र सरकार डेपुटेशन पर लेकर जनगणना डायरेक्टर अपाइंट कर देगा। कई ब्यूरोक्रेट्स का कहना है कि जीएडी अगर इसी स्टैंड पर कायम रहता कि अफसरों की कमी है तो शायद ये नौबत नहीं आती।