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प्रदेश की बेटियां अब कंधे पर लटकाएंगी एसएलआर और इंसास जैसे हथियार, पहली बार सशस्त्र बल में शामिल हुईं 345 बेटियां

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sandip kumar@newpowergame.com

रायपुर, 2 अगस्त 2018। छत्तीसगढ़ की बेटियां भी अब कंधे पर एसएलआर, इंसास जैसे बंदुकें लटकाकर पुलिस के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर काम करेंगी, कानून-व्यवस्था को संभालने में हिस्सेदार बनेंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर के माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में आज दीक्षांत परेड समारोह में इस बात पर खुशी जतायी कि इस विद्यालय से नौ महीने का कठिन प्रशिक्षण लेकर कार्य क्षेत्र में जाने वाले 526 आरक्षकों में से 345 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी प्रशिक्षित पुरूष और महिला आरक्षकों को छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल की विभिन्न बटालियनों में तैनात किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने आरक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी होने पर विद्यालय की ओर से शील्ड, प्रशस्ति पत्र आदि भेंट कर पुरस्कृत किया और सफल प्रशिक्षण पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।
उन्होंने समारोह में कहा – छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है जब हमारे सशस्त्र बलों में महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। प्रशिक्षित होकर पासिंग आउट परेड में शामिल हुए 526 आरक्षकों में 345 महिलाएं और 181 पुरूष शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ के इन बेटे-बेटियों की आंखों की चमक बता रही है कि उनमें गजब का आत्मविश्वास है। डॉ. सिंह ने उन्हें छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और अपनी वर्दियों का मान सम्मान बनाये रखने भी नसीहत दी। समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय, होमगार्ड के महानिदेशक श्री गिरिधारी नायक, गृह और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तथा नव आरक्षकों के परिवारों के अनेक सदस्य भी मौजूद थे।