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मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 सितम्बर को, CEO ने ली राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक

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रायपुर, 10 जुलाई 2018। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में 27 सितम्बर 2018 को किए गए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसी सूची के आधार पर राज्य में आगामी विधानसभा का निर्वाचन कार्य सम्पन्न कराया जाएगा। इसके पूर्व मतदाता सूची का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 31 जुलाई 2018 से प्रारंभ होगा, जो 21 अगस्त 2018 तक चलेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आज राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम – 2018 के अंतर्गत किए जा रहे कार्याें की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2018 के अंतर्गत निष्पादित किए जाने वाले कार्योंे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2018 मंगलवार को पुनरीक्षण गतिविधि के अंतर्गत एकीकृत मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। आयेाग के निर्देशानुसार 31 जुलाई मंगलवार से 21 अगस्त 2018 मंगलवार तक एकीकृत मतदाता सूची के प्रारूप के संदर्भ में दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी। इस अवधि के दौरान प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों में अभिहित अधिकारी द्वारा दावा आपत्ति प्राप्त करने का कार्य किया जाएगा। मतदाता सूची के लिए प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण 20 सितम्बर 2018 गुरूवार के पूर्व तक कर लिया जाएगा। दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात 26 सितम्बर 2018 बुधवार तक निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण – 2018 के  डेटाबेस को अद्यतन करते हुए पूरक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके पश्चात 27 सितम्बर 2018 गुरूवार तक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसी सूची के आधार पर विधानसभा -2018 का निर्वाचन होगा।
बैठक में राजनीतिक दलांे के प्रतिनिधि सदस्यों के द्वारा सवाल भी पूछे गए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए उसका निराकरण भी किया।
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा यह अवगत कराया कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए एक बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) की नियुक्ति कर सकते हैं। इस संदर्भ में राजनीतिक दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि वे बी.एल.ए. की नियुक्ति अवश्य करें। बी.एल.ए. की नियुक्ति के लिए उसी मतदान केन्द्र का मतदाता होना आवश्यक है। बैठक में अवगत कराया गया कि बी.एल.ए. नियुक्ति के लिए दो तरह के प्रारूप हैं। बी.एल.ए.-1 और बी.एल.ए.-2 के इन दोनों प्रारूपों में बी.एल.ए. की नियुक्ति कर पुनरीक्षण पूर्व प्रारूप को भर कर जिला निर्वाचन अधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह भी अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ में ईवीएम के साथ व्हीव्हीपेट्स मशीनें ईसीआईएल हैदराबाद से प्राप्त हुई है। जिनका उपयोग निर्वाचन कार्य में किया जाएगा। बताया गया कि व्हीव्हीपेट्स थर्ड जनरेशन की नई आधुनिक मशीन है। बैठक में जानकारी दी गई कि व्हीव्हीपेट्स की 30 हजार 435 यूनिट प्राप्त हुई है, वहीं ईव्हीएम की 35 हजार 150 बैलेट यूनिट और 29 हजार 300 कंट्रोल यूनिट प्राप्त हुई है। प्रदेश के सभी 27 जिलों में मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। राज्य के समस्त मतदान केन्द्रों में व्हीव्हीपेट्स का उपयोग किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे मतदाता अब यह देख सकेंगे कि उन्होंने किसको वोट दिया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि व्हीव्हीपेट्स का प्रदर्शन चयनित स्थलों पर आम जनता के सामने प्रत्यक्ष प्रदर्शन किए जाने की भी योजना है। सभी 27 जिलों में ईवीएम के वेयरहाउस उपलब्ध हैं। व्हीव्हीपेट्स के लिए भी सभी जिलों मंे वेयरहाउस निर्माणाधीन है, जहां समय पर वेयरहाउस पूर्ण होने की संभावना नहीं है, वहां व्हीव्हीपेट्स के संग्रहण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा चुकी है। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ईव्हीएम के प्रथम स्तरीय जांच एवं परीक्षण के लिए दस जुलाई से 14 अगस्त 2018 तक प्रदेश के सभी जिलों में हैदराबाद से इंजीनियर पहुंचेंगे, जो राजनीतिक दलों की उपस्थिति में ईव्हीएम का परीक्षण करेंगे। ईव्हीएम के हो रहे प्रथम स्तरीय इस जांच-परीक्षण में आयोग के निर्देशानुसार इस कार्य के दौरान कम्पनी के इंजीनियर के इलावा किसी को भी किसी तरह के औजार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।