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यहां हो रही है गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व जांचें, स्वैच्छिक सेवायें दे रहे हैं निजी चिकित्सक….

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रायपुर 10 जुलाई 2018 । गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जोखिम को कम करने के लिये हर महीने की 9 तारीख को सभी चिकित्सकीय संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है । 9 जुलाई को पूरे जिलों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाओं की जांच एवं उपचार किया गया । स्वास्थ्य संचालक ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व जांच सुविधायें देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व का आयोजन किया जा रहा है । इस अभियान में आज करीब 13 हजार से अधिक गर्भवती माताओं को प्रसव पूर्व जांच व परामर्श संबंधी सेवायें प्रदान कर लाभान्वित किया गया । इस अभियान में अब तक कुल करीब 4 लाख 32 हजार से अधिक गर्भवती मातायें लाभान्वित हुई है । 258 निजी चिकित्सकों द्वारा इस योजना के अंतर्गत अपना पंजीकृत कराये हैं । निजी चिकित्सकों द्वारा अभियान के अंतर्गत आयोजित कैंपों में स्वैच्छिक सेवायें प्रदान कर रही हैं । वे कैंपों व शासकीय अस्पतालों में जाकर गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच कर रहे हैं । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के आयोजन से गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान विशेषरूप से जटिल खतरों वाली संभावित गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबल मिल रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है । गर्भवस्था के दौरान और बच्चे को जन्म देते समय माता की मृत्यु दर और शिशु की मृत्यु दर को कम किया जा सके । गर्भवस्था के दौरान कोई महिला किन-किन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती है, इसके लिए लोगो में जागरूकता पैदा करना, भी इसका प्रमुख उद्देश्य है । इस योजना के उद्देश्यो में बच्चे के जन्म को एक सुरक्षित प्रक्रिया बनाना भी सम्मिलित किया गया है । प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जून, 2016 में शुरू किया था । प्रत्येक माह की 9 तारीख को लगने वाले इस विशेष जांच व ईलाज कैंप में सुरक्षित मातृत्व और इससे जुड़े तथ्यों से गर्भवती महिलाओं को अवगत कराते हुए महिला चिकित्सकों द्वारा उसकी जांच कराते हुए मुफ्त में ईलाज किया जा रहा है । गर्भवती महिला के लिए खून की जांच, पेशाब की जांच, रक्तचाप, शुगर इत्यादि जांचों सहित आवश्यक औषधियों की निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराया जा रहा है ।
उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे.पी.नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्री  अजय चंद्राकर को अवार्ड प्रदान किये थे । निजी चिकित्सकों को भी इस कार्यक्रम में पुरूस्कृत किया गया था, जिसमें डाॅ.गितिका शर्मा बिलासपुर, डाॅ.सुपर्णा मित्रा बिलासपुर तथा डाॅ. पूजा उपाध्याय रायपुर थे । प्रधानममंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई । छत्तीसगढ़ में सेंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे वर्ष 2014-2016 में किया गया था । जिसकी रिपोर्ट मई 2018 में जारी किया गया । सर्वे के आधार पर छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 173 प्रति एक लाख जीेवित जन्म हो गया है। वर्ष 2011-13 की एसआरएस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 221 प्रति एक लाख जीवित जन्म था। जो 48 अंक मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। शिशु मृत्यु दर वर्ष 2003 में 70 प्रति एक हजार जीवित जन्म से कम होकर वर्ष 2017 में 39 प्रति एक हजार जीवित जन्म हो गया है ।